नई दिल्ली l दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री श्री हारुन यूसूफ ने कहा कि दिल्ली में ध्वस्त परिवहन व्यवस्था को सुधारने में पिछली आम आदमी पार्टी और वर्तमान की भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। दिल्ली की बड़ती जनसंख्या की जरूरत के अनुसार परिवहन सुविधा के लिए लगभग 12-14 हजार बसों की जरुरत है। पिछले 6 महीनों भाजपा सरकार द्वारा 400 देवी इलेक्ट्रिक बसे चलाना नाकाफी है क्योंकि पिछले डेढ़ साल में 2400 बसें सड़कों से हटी है और अगले मार्च तक 1700 बसे हटाने की समय सीमा तय कर दी गई। इसके साथ 533 कलस्टर बसों की सेवा को भी भाजपा ने खत्म करके सड़कों से हटा दिया है। डीटीसी बेड़े में बसों की भारी कमी के कारण हालत खस्ता है।
संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री श्री हारुन यूसूफ के अलावा वरिष्ठ प्रवक्ता डा0 ओनिका मेहरोत्रा और कम्युनिकेशन विभाग के वाईस चेयरमैन श्री अनुज आत्रेय भी मौजूद थे।
श्री हारुन यूसूफ ने कहा कि 2012-13 में जहां 46.77 लाख प्रतिदिन लोग डीटीसी बसों में सवारी करते थे 2023-24 में 45 प्रतिशत घटकर 25 लाख रह गए है। सड़कों पर 99.15 प्रतिशत ओवरएज बसें चल रही है जो इंधन की खपत ज्यादा करने के साथ प्रदूषण भी बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल पूरे 11 वर्ष नई बसें लाने की बात करते रहे लेकिन एक भी नई बस डीटीसी बेड़े में नही जोड़ी। यही आलम भाजपा सरकार है जिसने 2025 में 2029 इलेक्ट्रिक बसें जोड़ने के नाम पर सिर्फ 400 छोटी लास्ट माईल कनेक्टिविटी वाली छोटी बसों को बड़े रुटां पर चलाकर दिल्ली की जनता को धोखा दिया है।
श्री हारुन यूसूफ ने कहा कि 31 मार्च, 2022 की सीएजी रिपोर्ट अनुसार दिल्ली के 814 रुटों में 43 प्रतिशत कटौती करके 57 प्रतिशत केवल 468 रुटों का ही संचालन किया। 31 मार्च, 2022 की सीएजी रिपोर्ट अनुसार डीटीसी का घाटा 60750 करोड़ तक पहुॅच चुका है, 2025 में बढ़कर 65000 करोड़ तक पहुॅचने की संभावना है। उन्हांने कहा कि डीटीसी को लागत का बड़ा हिस्सा लगभग 57 प्रतिशत दिल्ली सरकार से लिए कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए देना पड़ता है, जो वर्ष दर वर्ष बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को डीटीसी को कर्ज के संकट से उबारने के लिए माफ करना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस सरकार ने डीटीसी को दुरस्त करने के लिए कई बार डीटीसी को कर्जमुक्त किया था।

