लखीमपुर प्रकरण को लेकर भाकियू ने किया धरना प्रदर्शन, हाईवे जाम किया

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भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सहारनपुर सहित कई जिलों में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कुछ देर के लिए सड़क जाम भी किया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंप कर कृषि कानून वापस लेने और लखीमपुर खीरी प्रकरण में आरोपी आशीष मिश्र के पिता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का इस्तीफा लेने की मांग की।

सहारपुर में धरना प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।

सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सहारनपुर में कलक्ट्रेट चौराहे पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कुछ देर के लिए यातायात भी जाम किया गया। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के सभी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया गया। किसानों ने कहा कि कृषि कानून वापस होने चाहिए और लखीमपुर खीरी प्रकरण में आरोपी आशीष मिश्र के पिता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का इस्तीफा होना चाहिए।

मुजफ्फरनगर में धरना प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।

मुज़फ्फरनगर। लखीमपुर खीरी प्रकरण में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय टेनी की गिरफ्तारी के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाकियू प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि सरकार मनमानी पर उतारू हो गई हैए किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। इससे पहले किसान काफिले के रूप में जिले के विभिन्न मार्गों से कलक्ट्रेट पहुंचे। शहर के प्रकाश चौक और कोर्ट रोड पर जाम की स्थिति बनी रही।

बागपत में बात करते भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत।

बागपत । साकरोद में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यूपी पुलिस के मृतक जवान और हाजी यूनुस के परिजनों को सांत्वना दी । भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हमने दिल्ली में रास्ते नही रोके हैए बल्कि देश की सरकार ने ही विकास के रास्ते रोके हुए हैं ।किसानों के लिए तीनों कृषि कानून काले कानून है ओर देश के लिए ये सरकार काली है जो मैच फिक्सिंग कर देश के खिलाड़ियों को भी हरा देते हैं ।

इन्हें तो वोट चाहिए ए वोट के लिए यह कुछ भी कर सकते हैं । ओवैसी तो बीजेपी वालो का चचा जान है उस पर कोई रोकटोक नही है । कहीं भी जाए और कहीं भी मीटिंग करे। कहां की नोजवान पीढ़ी इसका सुधार करेगी । जिस युवा पीढ़ी ने इन्हें एक तरफा वोट दिया था वे युवा बीजेपी सरकार से किए गए वादे के मुताबिक 15 लाख रुपये ओर दोगुनी आय मांगेंगे। कहा कि तीनों कृषि कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जनता इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी

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