जेएनयू में रामनवमी पर हुए बवाल पर केंद्र सरकार ने रिपोर्ट मांगी

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रामनवमी को छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट के मामले को नया रंग देने की हो रही कोशिश के बीच शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

जानना चाहा है कि विवाद का केंद्र सिर्फ एक छात्रावास ही क्यों बना है। इस मामले में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई हैं। पत्रकार वार्ता कर घटना से जुड़े वीडियो भी जारी किए। पुलिस को आठ शिकायतें मिली थीं।

वसंत कुंज नार्थ थाना पुलिस ने दोनों ओर से क्रास एफआइआर दर्ज की है। इसमें वामपंथी संगठनों से जुड़े 14 छात्रों को नामजद किया गया है। जिला पुलिस उपायुक्त ने मामले की जांच के लिए एसीपी के नेतृत्व में दो टीमें बना दी हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मंत्रालय को जो प्रारंभिक जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक नानवेज को बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है, उसका विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। न ही विश्वविद्यालय में इसके खाने पर कोई रोक है। रामनवमी पर पूजा का विरोध किए जाने की वजह से ही विवाद बढ़ा।

कुलसचिव प्रो. रविकेश ने बताया कि खुद कुलपति प्रो. शांतिश्री पंडित ने कावेरी छात्रावास पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और छात्रों से शांति बनाए रखने के लिए कहा है। मामले की जांच कर रही पुलिस ने सोमवार को जेएनयू प्रशासन और शिकायतकर्ताओं से बातचीत की।

इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिये पुलिस ने करीब 30 छात्रों की पहचान की है। इनमें 12 से 14 छात्रों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस फिलहाल साक्ष्य के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुरक्षित कर रही है। पुलिस पता कर रही है कि रामनवमी की पूजा नहीं करने देने संबंधी पोस्टर कब और किसने लगवाए थे।

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