सीएम धामी ने किया चारधाम देवस्थानम बोर्ड भंग करने का एलान

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम देवस्थानम् प्रबन्ध अधिनियम 2019 को निरस्त करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय समस्त संबंधित हितधारकों के पक्षों पर विचार करने के उपरांत लिया गया है। इस निर्णय के वापस लिए जाने के बाद लोगों ने इसे सही कदम बताया है।


सत्य, सनातन और परंपराओं की जीत हुई है। मैं देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए सरकार का धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं। जल्द चारों धामों से सभी तीर्थपुरोहित मुख्यमंत्री से मिलकर उनका धन्यवाद ज्ञापित करेंगे

– रावल हरीश सेमवाल, अध्यक्ष श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति।


धर्म पर कानून का पहरा नहीं होना चाहिए। जब भी धर्म पर कानून का पहरा होता है तो धर्म बिगड़ जाता है। केंद्र की मोदी सरकार के कृषि बिल वापसी के बाद राज्य में धामी सरकार ने बड़ा दिल दिखाया है। जो धर्म की रक्षा करता है। संसार में वही टिकता है। देवस्थानम बोर्ड भंंग करने के लिए सरकार का धन्यवाद है।
-सुरेश सेमवाल, सचिव श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति।


आखिर सरकार ने माना कि तीर्थपुरोहितों की लड़ाई सत्य की लड़ाई थी। सत्य की विजय हुई है। सरकार भी सत्य के साथ खड़ी हुई। इसके लिये मुख्यमंत्री का धन्यवाद।
– कृष्ण कांत कोठियाल अध्यक्ष चारधाम तीर्थपुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत।


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी ;निरंजनीद्ध ने कहा कि प्रदेश सरकार ने देवस्थानम बोर्ड को भंग कर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है।इसका आने वाले समय में सरकार को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड भंग होने से साधु संतों के साथ ही तीर्थ पुरोहितों में भी खुशी की लहर है।


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्रपुरी एवं महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव ने देवस्थानम बोर्ड भंग होने के फैसले को उचित बताया है उन्होंने कहा कि सरकार बोर्ड भंग कर अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि संत व तीर्थ पुरोहित लगातार बोर्ड भंग करने की मांग कर रहे थे।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड भंग करने पर मूख्यमंत्री का आभार जताया। कहा भावनाओं के अनुरूप सरकार ने लिया फैसला। उन्होंने सभी तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज के लोगों को दी बधाई। कहाए केदारनाथ में हुई थी पुरोहित से वार्ता।

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