राहुल गांधी के दौरे का बायकाट करने वाले कांग्रेस सांसद किए तलब

नई दिल्ली। राहुल गांधी के पंजाब में चुनाव प्रचार का आगाज करने को अमृतसर और जालंधर में कार्यक्रमों के दौरान पंजाब के 5 सांसदों के गायब रहने के मामले ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है, जिसको लेकर अब हाईकमान ने सख्त रुख अपनाते हुए एक तरह से राहुल के दौरे का बायकाट करने वाले सांसदों से जवाब तलब किया है।

कांग्रेस ने फिलहाल तो पार्टी में सब ठीक होने और सांसदों द्वारा राहुल के कार्यक्रम का बायकाट करने की खबरों को केवल अफवाहें ही करार दिया है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली दरबार ने सांसदों की अनदेखी का कड़ा संज्ञान लेते हुए उन्हें अपने पास तलब किया है।

हाईकमान की सबसे बड़ी चिता यह है कि कांग्रेसी सांसदों, जिनमें मनीष तिवारी, रवनीत सिंह बिट्ट जसबीर सिंह गिल, परनीत कौर और मोहम्मद सादिक हैं, ने ऐसा माहौल उस समय बनाया है जब विधानसभा चुनावों के मात्र चंद सप्ताह बचे हैं और राहुल गांधी कांग्रेस का चुनावी बिगुल बजाने पंजाब आए हुए हैं। हालांकि कांग्रेसी सांसदों के अमृतसर में राहुल के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं, लेकिन चुनावी राज्य में कांग्रेस जिस तरह से पहले ही धड़ेबंदी और आपसी खींचतान का शिकार है, ऐसे में सांसदों द्वारा राहुल की अनदेखी करना पार्टी के लिए मुश्किलों को और बढ़ा सकता है।

राहुल ने कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों को साथ लेकर पार्टी में एकजुटता दिखाने की कोशिश की थी, परंतु इन 5 सांसदों के कारण राहुल का दौरा एकजुटता की बजाय पार्टी को विभाजित दिखा गया है। राहुल के अमृतसर पहुंचने के बाद जैसे ही 5 सांसदों के बायकाट की खबर सुर्खियां बनीं, उसी दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बायकाट करने की खबरों का खंडन किया था। हालांकि सांसद जसबीर सिंह डिपा द्वारा दिए 2 विपरीत बयानों ने दाल में कुछ न कुछ काला होने भी के संकेत भी दिए थे।

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