नई दिल्ली। यह पहली बार हुआ है जब देश में महिलाओं की आबादी पुरुषों से अधिक बढ़ी है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के आंकड़ों के अनुसार देश में अब हर 1000 पुरुषों पर 1020 महिलाएं हैं। इससे पहले एनएफएचएस-4 के अंकड़ों के अनुसार साल 2015-16 में 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 991 थी।
एनएफएचएस-5 के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर प्रजनन दर में भी बदलाव दर्ज किया गया है। प्रजनन दर घटकर 2.0 हो गई है। इसका मतलब देश में मां बनने वाली महिला औसतन दो बच्चों को जन्म दे रही है। इससे पहले एनएफएचएस-4 में यह दर 2.2 थी।
एनएफएचएस-5 में देश में एनीमिया (खून की कमी) को लेकर चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कहा गया है कि देश में बच्चों और महिलाओं की आधी से ज्यादा आबादी एनीमिया से पीड़ित है। इसमें कहा गया है कि 6 से 59 महीनों के 67.1 प्रतिशत बच्चे एनीमिया से पीड़ित हैं। 15 से 49 साल की उम्र की 75 प्रतिशत महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं। जबकि, 15 से 49 साल की उम्र के 25 प्रतिशत पुरुष एनीमिया से पीड़ित हैं।

