खराब गेहूं मामले में भारत का बड़ा खुलासा, यह सभी मानकों पर खरा, अब खरीद रहा है मिस्र

bad wheat case

नई दिल्ली। तुर्की से इस सप्ताह लौटाए गए भारतीय गेहूं को मिस्र के एक व्यापारी ने खरीद लिया है। तुर्किए (तुर्की) ने 56,877 टन भारतीय गेहूं को यह कहकर लौटा दिया था कि इसमें रूबेला वायरस पाया गया है। मगर इस खेप को मिस्र के एक व्यापारी ने खरीदा है और जहाज अब गेहूं को लेकर इस अफ्रीकी देश की ओर रवाना हो गया है। अब तुर्किए से गेहूं लौटाए जाने के मामले पर भारत सरकार ने बड़ा खुलासा किया है।

भारतीय गेहूं में रूबेला वायरस पाए जाने को बताकर तुर्किए ने खेप को लेने से इंकार कर दिया था। हालांकि, तुर्की को भेजी गई गेहूं की खेप सीधे भारत से निर्यात नहीं की गई थी। इसे भारतीय कंपनी आईटीसी लिमिटेड ने नीदरलैंड स्थित एक कंपनी को बेच दिया था। उसके बाद ये तुर्की पहुंचा था।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस मामले में खुलासा करते हुए कहा कि गेहूं की खेप को हॉलैंड जाना था, लेकिन हमें इस बात की जानकारी नहीं है कि इसे किसने और कब तुर्किए के लिए मोड़ दिया। गोयल ने कहा कि इस बात की जानकारी आईटीसी को भी नहीं थी। इसके अलावा गोयल ने कहा कि नीदरलैंड खाद्य और कृषि आयात नियमों के अनुसार गेहूं को मंजूरी दे दी गई है और केंद्र ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड से आए क्रेडिट लेटर के अनुसार गेहूं सभी तय मानकों को पूरा करता है।

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