नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब रूकने का नाम नहीं ले रही है। रूसी सेना यूक्रेनी इलाकों में लगातार मिसाइल और रॉकेट दाग रही है। इस बीच यूएनएससी में यूक्रेन संकट पर इमरजेंसी डिबेट के पक्ष में 29 देशों ने वोट किया, भारत ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। इसके बाद भारत सरकार ने अहम फैसला लेते हुए यूक्रेन में फाइटर प्लेन भेजने की घोषणा कर दी।
भारत ने यूक्रेन में बदतर होती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और तत्काल हिंसा को रोकने का आह्वान दोहराते हुए कहा कि सच्ची, ईमानदार और निरंतर वार्ता से सभी मसले हल किए जा सकते हैं।
भारत ने भले ही इमरजेंसी डिबेट के पक्ष में मतदान नहीं किया है, लेकिन यूक्रेन संकट पर उसने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्टृपति से मिलने गए। उन्होंने महामहिम को यूक्रेन संकट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्चस्तरीय बैठक कर उसने उक्रेन के हालात पर चर्चा की। इसके अलावा वहां फंसे भारतीयों को लाने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाए इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इसके बाद भारत ने फैसला किया कि वह यूक्रेन मे फंसे लोगों को भारत लाने के लिए वायुसेना की मदद लेगा। इसके लिए वहां फाइटर प्लेन भेजे जाएंगे जो जगह जगह फंसे भारतीय छात्रों और अन्य लोगों को एयरलिफ्ट करेगा। इसके लिए वहां फंसे लोगों की लोकेशन ली जा रही है और उनसे बात भी की जा रही है जिससे उन्हें एयरलिफृट किया सके।

