रणजीत हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम सिंह सहित चार दोषियों को उम्रकैद

gurumeet ram rahim singh

चंडीगढ़। बहुचर्चित रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में 19 साल बाद सोमवार को पंचकूला की सीबीआई की विशेष कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने डेरामुखी राम रहीम सिंह, कृष्ण कुमार, अवतार, जसवीर और सबदिल को 8 अक्तूबर को दोषी करार दिया था।

सीबीआई की विशेष अदालत में गुरमीत राम रहीम सिंह को सुनारिया जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया। वहीं, अन्य चार दोषी प्रत्यक्ष रूप से कोर्ट में पेश हुए। सीबीआई विशेष अदालत के जज डॉक्टर सुशील गर्ग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। राम रहीम पर 31 लाख का जुर्माना भी लगाया है, जिसका आधा हिस्सा रणजीत सिंह के परिवार को मिलेगा।

डेरा सच्चा सौदा के प्रबंधक रहे रणजीत सिंह की 10 जुलाई, 2002 को हरियाणा के करनाल जिले के खानपुर कोलियां गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या इस संदेह में की गई थी कि वह डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में राम रहीम द्वारा साध्वियों के यौन शोषण के बारे में गुमनाम रूप से पर्चे बंटवा रहे थे। सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार, डेरा प्रमुख को पूरा शक था कि रणजीत ही गुमनाम पर्चे बंटवा रहे हैं और इसलिए उसने रणजीत सिंह की हत्या की साजिश रची और चार अन्य लोगों संग मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। अभियोजन पक्ष के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि 19 साल पुराने इस मामले में इस साल 12 अगस्त को बचाव पक्ष की अंतिम बहस परी हो गई थी।

इस मामले में फैसला 26 अगस्त को सुनाया जाना था। लेकिन, रणजीत सिंह के पुत्र ने जज बदलने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस कारण यह फैसला लंबित हो गया था। डेरा प्रमुख सजा सुनाए जाने को देखते हुए पंचकूला और सिरसा में पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी ताकि 2017 की तरह हिंसा की घटना न हो। पंचकूला में धारा 144 लागू रही।

फैसले के बाद रणजीत सिंह के पुत्र जगसीर सिंह ने कहा कि उनके परिवार के लिए यह बहुत बड़ा दिन है। आज उनके परिवार को लंबे समय बाद न्याय मिला है। पिता की हत्या के समय सिर्फ 8 साल के रहे जगसीर ने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट हैं। हालांकि उनके परिवार और अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी।

इन धाराओं में कोर्ट ने दिया दोषी करार

कोर्ट ने डेरामुखी और कृष्ण कुमार को आईपीसी धारा-302 (हत्या), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) के तहत दोषी करार दिया। वहीं, अवतार, जसवीर और सबदिल को आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचने) के अलावा आर्म्स एक्ट के तहत दोषी माना।

साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार की हत्या में जेल काट रहा है राम रहीम गुरमीत राम रहीम सिंह को अपनी दो महिला अनुयायियों के साथ बलात्कार करने के आरोप में 2017 में 20 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। अभी वह रोहतक के सुनारिया जेल में बंद है। उस समय अदालत का फैसला आने के बाद पंचकूला और डेरा के मुख्यालय शहर सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने भारी हिंसा और तोड़-फोड़ मचाई थी। तब इस हिंसा में 40 लोग मारे गए थे। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी दो वर्ष पहले डेरा प्रमुख को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।

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