नई दिल्लीl मिलिपोल इंडिया 2025 का दूसरा संस्करण आज राजधानी दिल्ली के यशोभूमि (IICC) में विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ। यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन भारत और फ्रांस के गृह मंत्रालयों के संयुक्त तत्वावधान में इंटर ऐड्स एक्जीबिशन प्राइवेट लिमिटेड (भारत) और कॉमएक्सपोसियम (फ्रांस) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह इवेंट आंतरिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग को समर्पित है।
कार्यक्रम की शुरुआत एक भावभीनी श्रद्धांजलि से हुई, जिसमें उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के पीड़ितों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखा। यह कार्यक्रम की उस मूल भावना को दर्शाता है जो शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।
इस उद्घाटन समारोह में भारत और फ्रांस के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए। फ्रांसीसी गृह मंत्री की ओर से श्री फ्रांस्वा-नोएल बुफे ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उनके साथ भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थियरी माथू, और GIGN (फ्रेंच नेशनल जेंडरमेरी इंटरवेंशन ग्रुप) के ऑपरेशंस चीफ ऑफ स्टाफ कर्नल यानिक विडाल उपस्थित रहे। भारत की ओर से गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने मुख्य भाषण दिया।
अपने संबोधन में श्री राय ने भारत-फ्रांस के बीच सुरक्षा और रक्षा प्रौद्योगिकी में बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा: “हम एक साथ मिलकर अपनी सुरक्षा सेनाओं की क्षमताओं को बढ़ा सकते हैं, उन्नत प्रौद्योगिकियों के सह-निर्माण में निवेश कर सकते हैं, और ऐसा वातावरण बना सकते हैं जहां दोनों देशों के स्टार्टअप, MSME और उद्योग मिलकर नवाचार कर सकें।”
श्री बुफे ने अपने भाषण में रक्षा क्षेत्र में भारत-फ्रांस के गहरे होते संबंधों पर बल दिया, विशेष रूप से नौसेना संचालन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर। उन्होंने इस वर्ष पेरिस में आयोजित AI सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा: “हम सुरक्षा क्षेत्र में AI के उपयोग की समान दृष्टि साझा करते हैं — साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी कार्रवाई और सार्वजनिक सुरक्षा में क्षमताओं को बढ़ाने के लिए।”
भारत, फ्रांस, अमेरिका, नीदरलैंड्स और यूएई सहित दर्जनों देशों की भागीदारी के साथ, मिलिपोल इंडिया 2025 में निगरानी, साइबर सुरक्षा, AI आधारित सुरक्षा प्रणालियों और संकट प्रबंधन से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन हो रहा है।तीन दिवसीय इस आयोजन के दौरान राज्य स्तरीय सम्मेलन और उच्च स्तरीय पैनल चर्चा हो रही हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और तकनीक आधारित समाधानों पर केंद्रित हैं। यह सत्र वैश्विक रक्षा हितधारकों, निजी क्षेत्र के नेताओं और नीति निर्माताओं के बीच संवाद को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
द्विपक्षीय व्यापार और सुरक्षा निवेश को बढ़ावा अपने समापन भाषण में श्री राय ने फ्रांस को भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बताते हुए सुरक्षा क्षेत्र में संयुक्त उपक्रमों के विस्तार की बात कही। उन्होंने कहा: “फ्रांस भारत को एक प्रमुख बाजार के रूप में देखता है और वह यहां निवेश और सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है। यह सहयोग विशेष रूप से दोनों देशों की MSMEs को नवाचार और सह-विकास का अवसर प्रदान करेगा।” मिलिपोल इंडिया 2025 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि विचारों, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक रणनीतिक संगम है। यह आयोजन 25 अप्रैल तक जारी रहेगा और वैश्विक सुरक्षा के भविष्य को संवाद, साझेदारी और तकनीकी प्रगति के माध्यम से आकार देने के लिए तैयार है।

