शामली। मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने व ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के विरुद्ध पिछले करीब तीन माह से परिवहन विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इससे सरकारी खजाना तो भर रहा है, लेकिन मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर अंकुश नहीं लग पाया है। परिवहन विभाग ने पिछले तीन माह में 76 दुपहिया वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर 4.30 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
शासन ने ध्वनि प्रदूषण पर रोकथाम के लिए खासतौर से दुपहिया वाहनों पर लगे मॉडिफाइड साइसलेंसर लगाने वाले वालों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी सड़कों पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगे तेज ध्वनि निकालने वाले वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को चेकिंग अभियान के दौरान झिंझाना रोड स्थित ओम ऑटोमोबाइल वर्कशॉप पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बाइक मिली। उसमें लगा साइलेंसर निकलवाया गया।
इसके बाद बाइक को सीज कर एसटी तिराहा चौकी पर खड़ा किया गया और वर्कशॉप संचालक के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा दो बाइकों के चालान किए गए। एआरटीओ ने बताया कि 28 जुलाई से 21 अक्तूबर तक ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए 76 दुपहिया वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर उन पर 4.30 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा 67 वाहनों के मॉडिफाइड साइलेंसर निकलवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान जारी रहेगा।
मॉडिफाइड साइलेंसर मिलने पर 15 हजार जुर्माना
एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसर वाहन में लगा मिलने पर पांच हजार रुपये जुर्माना होता है। इसके अलावा निर्धारित मानक 80 डेसीबल से अधिक ध्वनि प्रदूषण करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। इस तरह से मॉडिफाइड साइलेंस लगा मिलने पर 15 हजार रुपये जुर्माना होता है।

