देश में प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और किसानों को बेहतर दाम दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मूल्य स्थिरीकरण कोष (Price Stabilization Fund-PSF) के तहत प्याज के बफर स्टॉक के लिए खरीद मूल्य 1,875 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से एक ओर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, वहीं दूसरी ओर जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक के जरिए बाजार में आपूर्ति बढ़ाकर खुदरा कीमतों को नियंत्रित किया जा सकेगा।
सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अब तक लगभग 5 हजार टन की ही खरीद हो सकी है। ऐसे में खरीद मूल्य बढ़ाने का उद्देश्य किसानों को सरकारी खरीद के लिए अधिक प्रोत्साहित करना भी माना जा रहा है।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया कि सरकार प्याज के बाजार पर लगातार नजर बनाए हुए है। आवश्यकता पड़ने पर बफर स्टॉक से प्याज जारी कर आपूर्ति संतुलित की जाएगी, ताकि आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ कम हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीद मूल्य बढ़ने से किसानों को बेहतर आय मिलने की संभावना है। साथ ही, यदि आने वाले महीनों में बाजार में प्याज की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो सरकार अपने बफर स्टॉक का उपयोग कर आपूर्ति बढ़ा सकती है। इससे कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को सीमित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि खुदरा बाजार में इसका प्रभाव इस बात पर भी निर्भर करेगा कि उत्पादन, मांग और आपूर्ति की स्थिति आने वाले महीनों में कैसी रहती है।

