मेरठ l ईद के मौके पर मेरठ में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़क पर नमाज को लेकर प्रशासन के सख्त रुख के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने पहले ही साफ कर दिया था कि सड़क पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा था कि यदि मामला दर्ज हुआ तो पासपोर्ट के लिए क्लीयरेंस भी नहीं मिलेगा। उनके इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी।
एसपी सिटी ने दी सफाई
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा, “हमारा मकसद केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। सड़क पर नमाज की अनुमति नहीं है, लेकिन इसके लिए बफर जोन बनाए गए हैं।”
उन्होंने बताया कि कई बार आखिरी वक्त पर नमाजी सड़क पर बैठ जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, सड़क पर किसी भी धर्म से जुड़े कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं है।
प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना था कि जब प्रशासनिक बैठक में यह मुद्दा पहले ही सुलझा लिया गया था, तो इस तरह की बयानबाजी की कोई जरूरत नहीं थी।
वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज
देश के विभिन्न हिस्सों में वक्फ बिल के विरोध में कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग ईद की नमाज के दौरान काली पट्टी बांधे नजर आए। इस पर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, “मैंने भी संसद भवन के सामने स्थित मस्जिद में नमाज अदा की, लेकिन वहां किसी ने काली पट्टी नहीं बांधी। ईद खुशी और इबादत का दिन है, इसे राजनीति से दूर रखना चाहिए।”
ईद को शांति और एकता का संदेश देने की अपील
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पूरे देश में ईद की नमाज शांति और सौहार्द के माहौल में अदा की गई। उन्होंने लोगों से मिलजुल कर रहने और ईद को प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, “मैं पूरे देशवासियों को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। यह प्यार और एकता का पर्व है, इसलिए सभी को एक-दूसरे के गले मिलकर खुशियां बांटनी चाहिए।”

