मेरठ। मंगलवार सुबह दिन निकलते ही दिल्ली और एनसीआर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। लगातार हुई बारिश से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की समस्या भी सामने आ गई। कई सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, बारिश ने किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी।
शामली, मुजफ्फफरनगर, सहारनपुर, मेरठ, शामली और बागपत में भारी बारिश के बाद गलियों में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश का बच्चों ने जमकर आनंद लिया। कई बच्चे गलियों और सड़कों पर भरे पानी में खेलते और तैरते नजर आए। यह दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
शहरों में भी बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सड़कों पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई दोपहिया वाहन पानी में फंस गए, जबकि पैदल आने-जाने वालों को भी जलभराव से होकर गुजरना पड़ा।
बारिश से किसानों और आम लोगों ने राहत की सांस ली। पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित था। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश धान, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और सिंचाई की जरूरत भी कम होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष थोड़ी देर की बारिश में ही गांव की गलियां तालाब बन जाती हैं। कई बार शिकायत के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है। लोगों ने नगर पालिका और संबंधित विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है।
फिलहाल मौसम सुहावना होने से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो शहर और गांवों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।

