नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जंग का आज छठा दिन है। इस बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस ने उस पर वैक्यूम बम से हमला किया है। जिससे यूक्रेन में काफी तबाही हुई है। इतना ही नहीं काफी लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इसके अलावा रूसी सेना यूक्रेनी इलाकों में लगातार मिसाइल और रॉकेट दाग रही है। रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव पर लगातार बमबारी कर रही है, वहीं यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव के पास रूसी सैनिक पहुंच गए है।
हालाकि रूस खारकीव पर कब्जे की घोषणा कर चुका है। यूएनएससी में यूक्रेन संकट पर इमरजेंसी डिबेट के पक्ष में 29 देशों ने वोट किया, भारत ने वोटिंग में नहीं लिया हिस्सा नहीं लिया। यूक्रेन के हालात पर न्छैब् ने फिर बुलाई बैठक बुलाई है। ज्ञात हो कि यूक्रेन मसले पर भारत बहुत संभल.संभल कर कदम रख रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रूस की सेना के हमले में 70 से ज्यादा यूक्रेनी सैनिक मारे जा चुके हैं, अर्टलरी तोप से मिलिट्री बेस को निशाना बनाने का काम किया गया थाण् आपको बता दें कि शहर खारकीव और कीव के बीच पड़ता है।
भारत ने यूक्रेन में बदतर होती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और तत्काल हिंसा को रोकने का आह्वान दोहराते हुए कहा कि सच्ची, ईमानदार और निरंतर वार्ता से सभी मसले हल किए जा सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यूक्रेन पर बुलाई गई संयुक्त राष्ट्र महासभा की आपात बैठक में सोमवार को कहा कि भारत, यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। तिरुमूर्ति ने कहा, यूक्रेन में बदतर होते हालात को लेकर भारत बेहद चिंतित है। हम हिंसा तत्काल रोकने के अपने आह्वान को दोहराते हैं।ष्ष् गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रूस और यूक्रेन के नेतृत्व के साथ अपनी हालिया बातचीत में इसकी जोरदार वकालत की थी।

