बुलंदशहर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर दंगे के बहाने एक बार फिर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर में सचिन और गौरव नाम के दो जाट युवकों की जब हत्या हुई थी, तब लखनऊ वाला लड़का सत्ता में था और हत्या करवा रहा था। हत्यारों को प्रश्रय दे रहा था। दंगाइयों को लखनऊ बुलाकर सम्मान कर रहा था। दिल्ली वाला लड़का तमाशा बनाकर तब भी कहता था कि दंगाइयों के खिलाफ ज्यादा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री बुधवार को गुलावठी के रामलीला मैदान में आयोजित आम जनसभा को संबोधित कर रहे थे। 19 मिनट के अपने संबोधन में ज्यादातर उन्होंने अखिलेश यादव और जयंत चौधरी को ही निशाने पर रखा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक बार फिर ये लोग नए कवर के साथ फिर आपके सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि माल वही पुराना सड़ा गला है। सिर्फ लिफाफा नया है। जिसने असुरक्षा दी, जिसने दंगा दिया, जिसने माफिया दिए। आज भी कहते हैं कि आने दीजिए सरकार। कयामत के दिन तक इनके सपने साकार नहीं होने देंगे। 10 मार्च के बाद तुम्हारी गर्मी शांत करवा देंगे। उन्होंने कहा कि इनकी सरकार ने दंगा कराए थे, तमंचा की फैक्टरी चलाई थी, अब वहां पर हमने डिफेंस कॉरिडोर बनाया है। अब दंगाई सोचते हैं कि सात पीढ़ी दंगे के नुकसान की भी भरपाई नहीं कर पाएगी। नोएडा में फिल्म सिटी, जेवर में एयरपोर्ट और डाटा सेंटर बनाया जा रहा है ताकि डिजिटल युग में प्रदेश को आगे बढ़ाया जा सके।
नरेंद्र भाटी बोले, पांच जिलों से होती थी आधी भर्ती
सपा सरकार में मंत्री रहे एमएलसी नरेंद्र भाटी ने मंच से सपा पर सीधा हमला बोला। भाजपा ज्वाइन करने के बाद पहली बार उन्होंने सपा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार के दौरान कुछ जिलों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार होती थीं। सिपाही भर्ती के दौरान केवल पांच जिलों से ही आधी भर्ती की गईं। आधी भर्ती के लिए शेष 70 जिलों से युवा चिन्हित किए गए थे। एसडीएम की भर्ती में 83 में से 54 प्रत्याशी एक ही बिरादरी के थे।

