Haridwar news : खड़खड़ी में राज्य का पहला गैस शवदाह गृह का होगा निर्माण

gas crematorium

हरिद्वार। खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट पर राज्य का पहला गैस आधारित तकनीक से संचालित शवदाह गृह का निर्माण होगा। इससे शवदाह संस्कार के लिए लकड़ी की निर्भरता और धुएं को काफी हद तक कम किया जा जा सकेगा। जिलाधिकारी ने अभियंताओं की संयुक्त टीम से निरीक्षण कर रिपोर्ट मांगी है।

बुधवार को जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में खड़खड़ी स्थित विद्युत शवदाह गृह के संचालन को लेकर सेवा समिति पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। समिति अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि श्मशान घाट में विद्युत शवदाहगृह बना है, लेकिन परिजन अपनों का अंतिम संस्कार उसमें नहीं करते हैं। सिर्फ लावारिस लाशों के लिए ही विद्युत शवदाहगृह का प्रयोग हो रहा है।

लोक निर्माण विभाग विद्युत एवं यांत्रिक ऋषिकेश के अधिशासी अभियंता सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि विद्युत शवदाहगृह के जीर्णोद्वार में 142.74 लाख रुपये व्यय होंगे। लेकिन गैस आधारित शवदाहगृह का निर्माण 123.47 लाख रुपये से हो जाएगा। नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने कहा कि विद्युत शवदाहगृह के संचालन में विद्युत बिलों का भुगतान बड़ी समस्या है। किसी भी शव के दाह संस्कार से 24 घंटे पूर्व शवदाहगृह को चालू करना होता है, जिसमें बहुत अधिक विद्युत खपत होती है। सेवा समिति अध्यक्ष ने कहा कि खड़खड़ी स्थित शमशान घाट में डीजल और लकड़ी आधारित तकनीकी से भी शवों का दहन किया जाता है।

अधिशासी अभियंता ने कहा कि तकनीक में परिवर्तन कर डीजल और लकड़ी के स्थान पर गैस का प्रयोग किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने गैस तकनीक आधारित शवदाहगृह का निर्माण कराया जाए और अभियंता इसकी स्थलीय रिपोर्ट दें। इस दौरान उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. अजीत सिंह, सुभाष पंवार, लोनिवि हरिद्वार के सहायक अभियंता ऋषिराम वर्मा मौजूद रहे।

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