बिजनौर । नगीना क्षेत्र व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ढाई वर्षीय बच्ची को गुलदार उठाकर जे जाने लगा। यह देख बच्ची के मां के वहां मौजूद अन्य लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। किसी की समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें, तभी अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने के लिए मां ने एक ऐसा कदम उठाया कि देखने वालों के भी होश उड़ गए।
दरअसल यह मामला नगीना क्षेत्र के ग्राम मौसमपुर गांव का है। यहां खेत पर एक महिला अपने ढाई साल की बच्ची को लेकर काम करने गई थी। महिला ने अपनी बच्ची को खेत की मेड़ पर लिटा दिया और वहीं बगल में काम करने लगी । इसी बीच एक गुलदार वहां आया और बच्ची को लेकर जाने लगा। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मां ने उसकी तरफ देखा तो उसके होश उड़ गए। इसके बाद महिला शोर मचाते हुए गुलदार के पीछे पीछे दौड़ने लगी।
यह देख वहां काम कर अन्य किसान भी उसके पीछे दौड़ लिए। थोड़ी ही देर में ग्रामीणों की भीड़़ ने उस खेत को घेर लिया जिसमें गुलदार था। वहीं बच्ची की मां बिना डरे गुलदार के पीछे लगी रही। जिससे गुलदार को संभलने का मौका भी नहीं मिला। बच्ची की मां को पीछे आता देख और आसपास काफी शोर सुनकर गुलदार घबरा गया और वह बच्ची को वहीं छोड़कर भाग गया। इस दौरान बच्ची की गर्दन पर गुलदार के पंजे की नाखून गहराई तक लग गए थे।
लोगों ने आनन.फानन में बालिका जाह्नवी को नगीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे बिजनौर रेफर कर दिया गया। मासूम बालिका की मां गीता ने बताया कि उसके पति होशियार सिंह मजदूरी का कार्य करते हैं तथा वह खुद खेत पर बृहस्पतिवार की दोपहर काम करने गई थी तभी गुलदार ने उसकी मासूम पुत्री पर हमला कर उसे उठाकर ले गया। तथा शोर मचाने के बाद छोड़कर भागा। ग्राम प्रधान मोहम्मद असलम का कहना है कि गांव में गुलदार का आतंक बना हुआ है। पिंजरा लगाने के बाद भी गुलदार आज तक पकड़ में नहीं आया है।

