देहरादून। आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के तत्त्वावधान में संचालित भगवान शंकर आश्रम मसूरी में दो दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा उत्सव आज अत्यंत धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर देवदीपावली के उपलक्ष्य में आश्रम स्थित ब्रह्मकुण्ड में दीपदान किया गया। विष्णु सहस्त्रनाम पर हज़ारों पुष्पों से अर्चना की गयी।विशेष अग्निहोत्र से समस्त जगत के कल्याण हेतु कामना की गई। आर्यम पथ पर चलने का संकल्प लेते हुए आज 25 नए सदस्यों ने दीक्षा ली जबकि पूर्व दीक्षित 20 संयोगियों के लिए शक्तिपात किया गया। समारोह में देश विदेश के लगभग तीन सौ व्यक्तियों ने भाग लिया।
आश्रम की अधिशासी प्रवक्ता माँ यामिनी श्री के अनुसार आश्रम के पूर्व निश्चित समारोह में कार्तिक पूर्णिमा उत्सव का विशेष महत्त्व है। यह पर्व इस वर्ष भी हर्ष और उल्लास से सम्पन्न हुआ। आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष और भगवान शंकर आश्रम के कुलप्रमुख प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम जी के सानिध्य और आशीर्वाद के मध्य सैंकड़ों लोगों ने परमात्मा के पथ पर चलने का संकल्प दोहराया।
श्री आर्यम जी महाराज ने स्पष्ट किया कि भगवान शिव ने इसी दिन त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था जिस उपलक्ष्य में देवताओं ने देव दीपावली मनायी थी। उन्होंने यह भी बताया कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया था। दोनों महाशक्तियों के पुण्य श्रवण के लिए हरि और हर की पूजा का विधान है।सिख धर्म के प्रथम गुरु भगवान नानक देव जी की स्मृति में विशेष प्रार्थना सभा और गुरुकुल की कन्याओं द्वारा विशेष शौर्य का प्रदर्शन भी किया गया। इससे पूर्व संध्या पर दीपदान और भजन सत्र में श्रद्धालुओं ने प्रभु गंगा में डुबकी लगाई।भक्तिभाव से ओतप्रोत सैंकड़ों हृदय इस अवसर पर प्रभु लीला के गुणगान में समर्पित रहे। आश्रम स्थित ब्रह्मावेदी पर विशेष अग्निहोत्र में विशिष्ट आहुतियाँ दी गई।वैदिक मंत्रोचार से पूरी घाटी गूंज उठी। विष्णु सहस्रनाम हेतु विशेष 540 पुष्प बाहर से मंगाए गये।
विदित हो कि पूज्य गुरुदेव वर्षभर में तीन अवसरों पर दीक्षा देते हैं और पुराने शिष्यों के लिए शक्तिपात किया जाता है। जिससे पिछले दस वर्षों में हज़ारों लोगों का कायाकल्प हो रहा है। आज जिन नए लोगों ने दीक्षा ली। उनमें अश्वनी (दुबई), रविशर्मा, रेनुबाला, किरण, हरशु शर्मा, वरशु, अर्श शर्मा, अयान भारती (लुधियाना), प्रतिभा आर्य, प्रशांत आर्य, वरुण भारद्वाज, साक्षी भारद्वाज (मेरठ), शालिनी अरोरा , सुनिल जोग़पाल, रोहित (दिल्ली), सीमा यादव, रजनी पाराशर, ऋचा शर्मा (जयपुर), ओम् प्रकाश यादव (अलवर), मनदीप शर्मा (अमृतसर), विनीत शर्मा, निशा शर्मा (अजमेर) , रूबी (मुरादाबाद), विकास वर्मा (अजमेर), महेंद्र जडेजा (गुजरात) के नाम प्रमुख हैं।आर्यम समुदाय में दीक्षा के उपरांत सभी महिलाएँ श्री और पुरुष देव विभूषण से अलिंकृत हो जाते हैं।शक्तिपात सत्र में अखिल, प्रण पाल मौर्य (बरेली), अलिन्द्र, प्रीतेश, प्रविंद्र (रूद्रपुर), अनिता, वरुण, दीपा, मीना, पूरण, प्राची, शुभ, सैम (देहरादून), दीपाली, मीना, सरिता, वीरेंद्र (मसूरी), वंशिका (दिल्ली), विमला (थत्युद), सुनिल (चंडीगढ़) उपस्थित रहे।
वैदिक नाद संस्कृत बैंड दिल्ली के प्रमुख कमल शर्मा ने अपने समूह के साथ कर्णप्रिय मधुर भजनों की प्रस्तुतियाँ की। कन्या गुरुकुल नारंगपुर से सुश्री गुलशन के नेतृत्व में बच्चियों का एक जत्था आश्रम पहुँचा जिसने बहुत सुंदर भजनों से सभी का मन मोह लिया। इन बच्चियों ने शौर्य कलाओं का प्रदर्शन करके सभी को दांतों तले अंगुलियाँ दबाने को विवश कर दिया।
समारोह में देश विदेश से लगभग तीन सौ व्यक्तियों ने भाग लिया। जिनमें बीना प्रसाद (सऊदी अरब), समर बहादुर (दुबई), वेद पुरोहित (मुंबई), अभिमन्यु सैनी (यमुनानगर), अमित सिंह (ग़ाज़ियाबाद), मधु राणा (दिल्ली), नितिन छाबडा (नॉएडा), पूर्व अपर आयुक्त प्रदीप अग्रवाल (लखनऊ), रुचिका (कुरुक्षेत्र), आयोजन में राहुल गुप्ता, मोहित , शिवम्, कल्याणी,पंकज भदोलिया, गीतांजलि, आशीष कपिल, देवेंद्र, सुनील आर्य मसूरी के समाज सेवी राकेश रावत आदि का विशेष योगदान रहा।






