देहरादून। प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए इसे ऑनलाइन किया जाएगा। तीलू रौतेली राज्य पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी राज्य पुरस्कार योजना में नामांकन प्रक्रिया भी अब ऑनलाइन होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आंचल अमृत योजना का फिर से शुभारंभ करते हुए इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने रिंग रोड स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आंचल अमृत योजना का फिर से शुभारंभ होने से बच्चों के विकास एवं उन्हें पर्याप्त पोषण मिलने में बड़ी मदद मिलेगी। जिस तरह माँ का आंचल बच्चे की धूप-छांव से बचाव करता है, उसी तरह आंचल अमृत योजना बच्चों में कुपोषण को दूर करने में निश्चित रूप से सहायक होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया, इससे यह योजना भीp कुछ समय तक प्रभावित रही जिसे अब फिर से शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चों को सप्ताह में चार दिन निशुल्क फोर्टीफाइड मीठा एवं सुगंधित दूध मिलेगा। इस योजना से प्रदेश के एक लाख 70 बच्चों को लाभ मिलेगा, साथ ही बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य में सुधार होगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार बच्चों, महिलाओं, बहनों के लिए हर वह जरूरी योजना लाएगी जिससे उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं से अवगत है। वे जिन परिस्थितियों में कार्य करतीo हैं उससे भी वे परिचित है। स्वयं उनके बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़े हैं। जिस तरह वे बच्चों की इन केंद्रों में देखभाल के साथ अन्य कार्य करती हैं वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मांगों से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हाल ही में आई दैवी आपदा से निपटने के लिए तेजी से कार्य किया, इसी का नतीजा है कि चारधामों की यात्रा पर आए करीब डेढ़ लाख पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके स्थानों तक गया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ व बदरीनाथ धामों का विकास कार्य तेजी से किया जा रहा है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने 11 बच्चों को दूध पिलाकर योजना का शुभारंभ किया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के लिए पर्याप्त बजट मंजूर किया है। योजना बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में मददगार होगी। इससे प्रदेश को कुपोषण मुक्त प्रदेश बनने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा दिल दिखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास हरिचंद्र सेमवाल ने मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना की जानकारी दी। कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, प्रबंध निदेशक आंचल जयदीप अरोड़ा आदि मौजूद रहे। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि योजना के तहत प्रदेश के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चों को डेरी विकास विभाग के माध्यम से सुगन्धित फोर्टीफाइड मिल्क विटामिन ए व डी युक्त दूध सप्ताह में चार दिन दिया जाएगा। योजना से हर महीने एक लाख 70 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे।

