जौनपुर । उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में अनुकंपा नौकरी हासिल करने के लालच ने एक परिवार को खौफनाक हत्या की घटना को जन्म दे दिया। पोती और उसके पति ने मिलकर दादी को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने साजिश का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पोती अपनी दादी की अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) का फायदा उठाना चाहती थी। दादी के निधन के बाद पोती को सरकारी नौकरी मिल सकती थी। इसी लालच में दोनों ने मिलकर प्लान बनाया और दादी को जहर खिलाया। घटना के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसमें जहर की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में परिवार के सदस्यों के बयानों और डिजिटल सबूतों से साजिश सामने आई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पोती और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर हत्या, आपराधिक साजिश रचने और सबूत मिटाने समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पति ने जहर खरीदने और देने की योजना बनाई, जबकि पोती ने पूरे प्लान को अंजाम देने में सहयोग किया।
इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों ने बताया कि दादी परिवार की मुखिया थीं और उनका निधन अचानक हुआ। शुरुआत में इसे प्राकृतिक मौत समझा गया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया। पुलिस ने पूछताछ में आरोपी पति से जहर खरीदने का रिकॉर्ड, फोन कॉल डिटेल्स और अन्य सबूत बरामद किए हैं।
जौनपुर पुलिस अधीक्षक ने मामले की गहन छानबीन के निर्देश दिए हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
यह घटना उत्तर प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति नीति के दुरुपयोग पर सवाल खड़ा करती है। कई मामलों में लालच के चलते परिवार के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को इस नीति में सख्ती बरतनी चाहिए और पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए ताकि ऐसे अपराध रोके जा सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराध मुक्त प्रदेश के लिए सख्त रुख अपनाए हुए हैं। पुलिस को ऐसे संवेदनशील मामलों में तुरंत और निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

