वाराणसी। आस्था और समर्पण की एक भावुक मिसाल उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में देखने को मिली। तमिलनाडु की 80 वर्षीय श्रद्धालु सी. कमलाक्षी अम्माल (नाम उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार) ने अपने दिवंगत दो बेटों की स्मृति में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को 3.5 करोड़ रुपये का दान दिया। उनके इस कदम ने मंदिर प्रशासन के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी भावुक कर दिया।
बताया जा रहा है कि कमलाक्षी अम्माल के दोनों बेटों का कुछ वर्ष पहले अलग-अलग परिस्थितियों में निधन हो गया था। परिवार पर आए इस गहरे दुख के बाद उन्होंने अपना शेष जीवन भगवान शिव की भक्ति, धार्मिक सेवा और समाजहित के कार्यों को समर्पित करने का निर्णय लिया।
महिला के साथ उनके पोते भी वाराणसी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनकी दादी का काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रति वर्षों से गहरा लगाव रहा है। परिवार का मानना है कि यह दान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि उनके दिवंगत बेटों की स्मृति को भगवान के चरणों में समर्पित करने का एक आध्यात्मिक प्रयास है। पोते ने कहा कि दादी हमेशा दूसरों की मदद और धार्मिक कार्यों में विश्वास रखती हैं और इसी सोच के साथ उन्होंने यह निर्णय लिया।
मंदिर प्रशासन ने महिला के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था ही काशी विश्वनाथ धाम की सबसे बड़ी शक्ति है। दान की राशि का उपयोग मंदिर परिसर के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक गतिविधियों के विस्तार में किया जाएगा।
कमलाक्षी अम्माल का यह भावुक समर्पण एक बार फिर यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा केवल पूजा तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और धर्म की सेवा के माध्यम से भी व्यक्त की जा सकती है।

