मुजफ्फरनगर। कुदरत भी कैसे कैसे खेल खेलती है। जिस घर में बिटिया की शादी की खुशियां होनी चाहिए वहां अब मातम पसरा था। एक तरफ घर से बिटिया की डोली उठी और दूसरी तरफ बुखार से तप रहे भाई ने दम तोड़ दिया। ससुराल पहुंच कर भी बहन को भाई की चिंता खाए जा रही थी, तभी तो वह बार बार फोन करके उसका हाल पूछती रही और उसके घर वाले उसे झूठा दिलासा देते रहे।
मामला भोपा कस्बे का है। यहां के रहने वाले सुशील भोपा-मोरना मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बस पर परिचालक हैं। सुशील की बड़ी बेटी तानिया उर्फ तनु का विवाह मुजफ्फरनगर के आशीष के साथ रविवार को संपन्न हुआ था। घर में हर तरफ खुशियां छाई थी। उसके एक दिन पहले शनिवार को तनु का छोटा भाई चौदह वर्षीय वंश बुखार की चपेट में आ गया। परिजनों ने पहले स्थानीय डॉक्टर को दिखाया, लेकिन आराम नहीं हुआ तो उसको मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेटे के बीमार होने से शादी की खुशियां फीकी पड़ गई।
रविवार को दोनों पक्षों की सहमति से आनन.फानन में सादगी से विवाह संपन्न करा दिया गया। एक तरफ बहन की शादी हो रही थी और दूसरी तरफ मासूम भाई जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था। दोपहर बाद वंश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलते ही कसबे के गण्यमान्य लोग पहुंचे। बिटिया को बिना जानकारी दिए ही विदा कराया और परिजनों को हिम्मत बंधाई। पिता सुशील, मां राखी, दादी कमललता, भाई मुकुल, विजुल गम में डूबे थे, लेकिन किसी ने भी तानिया को इस बात का एहसास तक नहीं होने दिया।
शादी में सबसे अच्छा दिखना चाहता था वंश
परिवार में सबसे बड़ी बेटी और तीन भाइयों की इकलौती बहन की शादी को लेकर सभी खुश थे। सबसे अधिक खुश वंश था। बहन की शादी में वह सबसे अच्छा दिखना चाहता था, उसने अपनी बहन तनु की पसंद के कपड़े खरीदे थे।
कोई तो बता दे मेरा भाई कैसा है
घर से डोली में बैठकर तनु चली तो गई, लेकिन देर रात तक ससुराल से ही बार.बर परिवार को कॉल कर भाई वंश का हाल जानती रही। परिजन बिटिया को झूठा दिलासा देते रहे। उसे कौन बताए कि जिससे वह सबसे अधिक प्यार करती थी अब वह इस दुनिया में नहीं रहा।
