नई दिल्ली l भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने पर वर्षभर चले आयोजनों का समापन समारोह 23 जुलाई को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित के.डी. जाधव कुश्ती हॉल में आयोजित किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मुख्य अतिथि रहे, जबकि केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडविया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएमएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिरणमय पांडेय ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली प्रांत की अध्यक्ष इन्दु जम्वाल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि 1970 में दिल्ली में पहला अधिवेशन हुआ था और आज उसी धरती पर 70वां समापन कार्यक्रम हो रहा है, यह गौरव का विषय है।
अखिल भारतीय महामंत्री रविन्द्र हिम्मते ने संगठन की 70 वर्षों की यात्रा, कार्यक्रमों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन ने हमेशा श्रमिक हित, संगठन विस्तार और वैचारिक स्पष्टता को प्राथमिकता दी है। यह समापन नहीं बल्कि नई यात्रा की शुरुआत है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष हिरणमय पांडेय ने बताया कि बीएमएस अब देश का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन है, जो 28 राज्यों, 44 महासंघों और 6630 संगठनों के माध्यम से सक्रिय है। संगठन नेपाल में भी कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीएमएस आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।
डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि यह उत्सव आत्मचिंतन का अवसर है। उन्होंने कहा कि बीएमएस को दुनिया को एक नया श्रमिक मॉडल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीएमएस में आने वाला व्यक्ति लाभ लेने नहीं, उद्देश्य लेकर जाता है।
कार्यक्रम में बीएमएस की डिजिटल पहल ‘ई-कार्यकर्ता ऐप’ लॉन्च किया गया। साथ ही बीएमएस की यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म और ऑर्गनाइज़र वीकली का विशेष संस्करण भी जारी किया गया।
समारोह में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के बीएमएस पदाधिकारी, संघ के वरिष्ठ सदस्य, नेपाल से आए प्रतिनिधि और दिल्ली-एनसीआर के हजारों कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और श्रमिक हितों के प्रति संकल्प के साथ किया गया।

