बिजनौर। पुलिस ने मंगलवार देर रात हुई मुठभेड़ में ढाई लाख के इनामी बदमाश आदित्या राणा को मार गिराया। आदित्य पर कई जिलों में संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं। इस मुठभेड़ में कई पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। जिनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बिजनौर जिले के राना नंगला निवासी आदित्य पर विभिन्न थानों में करीब 40 से भी अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार 23 अगस्त 2022 को आदित्य को शिवालकलां थाने में दर्ज एक मामले में सुनवाई के लिए पुलिस लखनउ से बिजनौर लाई थी। वहां से लौटते समय शाहजहांपुर के रेड चिली ढाबे पर पुलिस को चकमा देकर आदित्या राणा फरार हो गया था। इसके बाद राणा को प्रदेश माफिया घोषित कर उस पर ढाई लाख रुपये का इनाम रखा गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश में घूम रही थी।

बिजनौर के एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि मंगलवार देर रात एसओजी को सूचना मिली कि आदित्य और उसके साथी बूढ़नपुर मार्ग से जा रहे हैं। इसके पुलिस टीम ने उनकी घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम को देखते है आदित्य और उसके साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें आदित्य और कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने आदित्य को मृत घोषित कर दिया।
बिजनौर के गांव राना नंगला निवासी आदित्य का नाम पहली बार 2013 में गांव कासमाबाद में हुई धर्मवीर की हत्या में आया था। उसका सीआरपीएफ में चयन हो गया था, लेकिन हत्या में नाम आने के कारण वह ट्रेनिंग पर नहीं जा पाया। उस पर विभिन्न जिलों में करीब 41 मुकदमे दर्ज हैं। पहले भी आदित्य पुलिस हिरासत से फरार हो चुका है। दस जनवरी 2018 को उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया था। करीब एक साल वह बिजनौर जेल में रहा। फरवरी 2019 में उसे मेरठ जेल में शिफ्ट किया। अब अगस्त 2019 से लखनऊ की जेल में बंद था।

