बिजनौर l बिजनौर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक हिंदू महिला से पहले जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराया गया और फिर उसकी किडनी बेचने की कोशिश की गई। पुलिस ने इस गंभीर मामले में मुख्य आरोपी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

पीड़िता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि लगभग 10 महीने पहले उसका पति मोहम्मद तारिक मंसूरी की कपड़ों की दुकान पर काम करता था। बाद में दुकान मालिक ने महिला को भी नौकरी पर रख लिया। इसके बाद व्यापारी अक्सर थोक खरीदारी के लिए महिला को दूसरे शहरों में अपने साथ ले जाने लगा। धीरे-धीरे महिला और उसके पति के बीच दूरी बढ़ती गई और महिला को मंडावर में एक कमरा दिलवाया गया।

महिला का आरोप है कि 23 फरवरी 2025 को उसे नशा सुंघाकर जबरन बुरका पहनाया गया और फिर नजीबाबाद में ले जाकर निकाह कर लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में आरोपी की पत्नी नसरीन और अन्य लोग भी शामिल थे।

सबसे सनसनीखेज आरोप यह है कि महिला की किडनी बेचने की साजिश रची गई। 13 जुलाई को उसे दिल्ली के एक अस्पताल ले जाया गया जहां बिना बताए उसकी किडनी बेचने की तैयारी की गई। वहां 50 लाख रुपये में डील तय हुई, लेकिन आरोपी ने 90 लाख की डिमांड रख दी जिससे सौदा टूट गया। इसके बाद उसे ऋषिकेश के एक अन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां महिला को अपनी किडनी बिक्री की बात का पता चला। विरोध करने पर वह अस्पताल से लौट आई। महिला का कहना है कि 21 जुलाई को आरोपियों ने उसे जबरन जहर पिलाने की कोशिश की। हालांकि समय रहते अस्पताल पहुंचने पर उसकी जान बचाई जा सकी। पीड़िता ने अपने पिता और भाई को फोन कर बुला लिया था।

शहर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद तारिक मंसूरी, उसकी पत्नी नसरीन, नदीम, अमन उर्फ सुलेमान और अयान को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य पांच आरोपियों — रेशमा, अदनान, महराज, संदीप भट्टे वाले और फहीम — की तलाश की जा रही है। रिपोर्ट में जिला सहकारी बैंक के पूर्व संचालक संदीप भट्टे वाले पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी तारिक मंसूरी की किरतपुर में पांच कपड़ों की दुकानें हैं, जो अब बंद हैं। मामले के उजागर होने के बाद रविवार को इन दुकानों पर ताले लगे मिले। जानकारी यह भी मिली है कि आरोपी महिला से बात करने के लिए नौकर के मोबाइल का इस्तेमाल करता था।