कश्मीर/ बिजनौर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा इलाके में सोमवार को पुलिस ने हेयर कटिंग सैलून में काम करने वाले एक युवक को पिस्तौल व मैगजीन के साथ गिरफ्तार किया है। उसकी शिनाख्त उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले परवेज सलमानी के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसके पास हथियार कहां से आया।
एक पुलिस अधिकारी के के अनुसारस शमीम पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। एक सूचना के आधार पर गोरवान इलाके में यह कार्रवाई की गई। जहां परवेज एक सैलून में काम करता था। यूपी के बिजनौर जिले के फरीदपुर मान गांव का रहने वाला परवेज लंबे समय से इस इलाके में रह रहा था। पुलिस इस बात की तलाश में लगी है कि उसका यहां किन-किन लोगों के साथ उठना बैठना था। आतंकी एंगल पर भी पुलिस काम कर रही है
सितंबर में आर्मी इंटेलीजेंस ने बिजनौर में की थी कार्रवाई

इससे पहले इसी साल सितंबर में बिजनौर में उत्तर प्रदेश एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस ने गांव डहरी में छापेमारी करते हुए पिता व पुत्र को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार युवक का भाई भी कश्मीर में एक सैलून पर काम करता था। उस पर हथियारों की सप्लाई करने के आरोप लगा था।
परवेज का भाई जावेद भी हुआ था पिस्टल के साथ गिरफ्तार
बिजनौर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा में सैलून चलाने वाले डेहरी के परवेज सलमानी के घर पर सोमवार की सुबह से ही ताला लटका हुआ था। परिवार के लोग कहां गए किसी को मालूम नहीं है। परवेज का बड़ा भाई जावेद भी सितंबर महीने में पिस्टल के साथ कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था।
कोतवाली देहात के गांव डेहरी के रहने वाले शमीम सलमानी का बड़ा बेटा जावेद दस साल से जम्मू कश्मीर में सैलून चलाता था। छोटा बेटा परवेज सलमानी भी अनंतनाग जिले में सैलून चलाता है। अब सोमवार को परवेज सलमानी पिस्तौल के साथ आर्मी इंटेलिजेंस ने पकड़ लिया। उसका बड़ा भाई जावेद सलमानी भी सितंबर के महीने में जम्मू कश्मीर से पकड़ा गया था।
उसके पास मिली पिस्टल को बिजनौर से ही शमीम सलमानी ने भेजा था। इसी जानकारी पर 22 सितंबर को आर्मी इंटेलिजेंस बिजनौर आई और शमीम सलमानी और छोटे बेटे परवेज सलमानी को हिरासत में लिया था। दोनों से पूछताछ करने के बाद आसपास के जिलों में भी दबिश दी गई थी। हालांकि उस वक्त टीम को कुछ खास नहीं मिला था। इस पर शमीम और परवेज को टीम ने छोड़ दिया था। इसके बाद परवेज दक्षिण कश्मीर में अपने काम पर लौट गया था। हालांकि उस पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी रही। जिसके चलते ही सोमवार को उसे दबोच लिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि परवेज के घर पर तीन दिन से ताला लटका हुआ है।
तीन दिनों तक डेरा डाले रही थी आर्मी इंटेलीजेंस
बिजनौर। अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा इलाके में पिस्तौल के साथ पकड़े गए परवेज सलमानी से आर्मी इंटेलिजेंस बिजनौर आकर पहले भी पूछताछ कर चुकी थी। 22 सितंबर को टीम बिजनौर पहुंची और तीन दिनों तक डेरा डाले रही थी। बाद में परवेज सलमानी और उसके पिता शमीम सलमानी को सुपुर्दगी में देकर छोड़ा गया।
थाना कोतवाली देहात क्षेत्र नूरअलीपुर भगवंत उर्फ गांव डहरी में 22 सितंबर की सुबह आर्मी इंटेलिजेंस पहुंची थी। यहां से शमीम सलमानी और उसके बेटे परवेज को हिरासत में लेकर कोतवाली देहात थाना चली आई। यह दबिश शमीम सलमानी के बड़े बेटे जावेद की गिरफ्तारी के बाद दी गई थी। बता दें कि दस सालों से सैलून पर काम करने वाले जावेद को आर्मी ने पिस्टल के साथ पकड़ा था। जिसका आतंकी कनेक्शन होने के इनपुट से कार्रवाई को जोड़कर देखा गया। तीन दिनों तक चली पूछताछ के बाद मुजफ्फरनगर से असलहा लेकर कश्मीर में सप्लाई करने की बात भी सामने आई थी।
तीन साल पहले ही बदला है ठिकाना
शमीम सलमानी मूलरूप से कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव पमड़ावली का रहने वाला था। तीन साल पहले वह अपनी ससुराल के गांव डेहरी में आकर बस गया। शमीम सलमानी महेश्वरी जट में मुर्गे के मीट की दुकान करता है। उसका बड़ा बेटा जावेद दस सालों से कश्मीर में सैलून पर काम करता है। छोटा बेटा परवेज भी जावेद के पास ही था। अगस्त में गांव लौटा था। 22 सितंबर को टीम पूछताछ करने केेेे बाद उसे छोड़ गई थी। जिसके बाद वह फिर से कश्मीर चला गया।
