मुजफ्फरनगर। प्रयोगात्मक परीक्षा के बहाने रात को स्कूल में रोककर छेड़खानी और धमकी दिए जाने के मामले में दो छात्राओं के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए गए हैं। पुलिस ने सुरक्षा के बीच छात्राओं को अदालत में पेश किया।

सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि प्रकरण में दो छात्राओं के पुलिस ने धारा 161 के बयान दर्ज किए थे। दोनों पीड़िताओं का मेडिकल भी कराया गया था। दोनों छात्राओं को पुलिस ने सुरक्षा के साथ कोर्ट में पेश कर धारा 164 के बयान दर्ज करा दिए हैं। मजिस्ट्रेट के समक्ष छात्राओं ने आपबीती सुनाई। पुलिस ने दोनों छात्राओं को बयान के बाद उनके परिजनों के साथ भेज दिया है। पॉक्सो एक्ट में मुकदमे के मामले में बालक और बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के सामने भी पेश किया।

बाल कल्याण समिति गांव पहुंची, आठ छात्राओं से मिली
17 छात्राओं को रात में पुरकाजी के एक स्कूल में रोकने और छेड़खानी आदि किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मोरना क्षेत्र के गांव में पहुंची टीम में बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा बीना शर्मा, जिला महिला कल्याण अधिकारी शिवांगी बालियान, बाल संरक्षण अधिकारी नीना त्यागी, मनोचिकित्सक अर्पण जैन शामिल रहे। गांव में पहुंची टीम उन छात्राओं के घर पहुंची जिनको स्कूल में रात को रोका गया था।

छात्राओं ने बताया कि उन्हें रात में उनकी मर्जी के विरुद्ध स्कूल में रोका गया और रात में ऐसी खिचड़ी खिलाई जिसे खाने के बाद वह बेहोश हो गई। टीम ने छात्राओं की काउंसिलिंग की और उन्हें कहा कि किसी भी प्रकार से डरने की जरूरत नहीं है। सरकार और कानून बेटियों के साथ है। अपराधी कोई भी हो उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

कानूनी लड़ाई के लिए छह सदस्यों की समिति बनी
छात्राओं की कानूनी मदद को बाल कल्याण समिति ने छह सदस्यों की एक समिति बनाई है। यह समिति इन छात्राओं को हर तरह की मदद करेगी। सरकार की योजना के अंतर्गत छात्राओं को विधिक सहायता से लेकर अन्य सभी सहायता यह समिति करेगी।

आठवीं तक कोई प्रैक्टीकल नहीं होता
बीएसए मायाराम का कहना है कि दोनों आरोपी संचालकों के स्कूल की मान्यता आठवीं तक की है। आठवीं तक के स्कूल में किसी तरह का कोई प्रैक्टीकल नहीं होता। इसलिए छात्राओं को रात में रोकने का कोई मतलब ही नहीं होता। हमने इसकी जांच के लिए एक कमेटी बना दी है।

अदालत ने दूसरे स्कूल संचालक को भी भेजा जेल, की थी शर्मनाक हरकत

स्कूल संचालक अर्जुन।


मुजफ्फरनगर। पुरकाजी क्षेत्र के स्कूल में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने बुधवार को दूसरे स्कूल संचालक अर्जुन को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गुरु गोविंद इंटर नेशनल एकेडमी का संचालक तुगलकपुर निवासी अर्जुन सिंह मंगलवार रात को परिचितों के साथ पुरकाजी थाने पहुंचा और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने स्कूल संचालक से मामले की जानकारी ली। सीओ सदर कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुलिस ने स्कूल संचालक को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस भोपा क्षेत्र के स्कूल संचालक योगेश चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

छात्राओं को स्कूल में छोड़कर चला गया था घर
स्कूल संचालक अर्जुन सिंह ने पुलिस को बताया कि भोपा क्षेत्र के सूर्यदेव पब्लिक स्कूल की छात्राएं परीक्षा देने के लिए आती रहती थीं। 18 नवंबर को भी छात्राएं स्कूल संचालक योगेश चौहान के साथ परीक्षा देने आई थीं। रात के समय छात्राएं स्कूल में ही रुकी थीं। वह तो शाम पांच बजे स्कूल से घर चला गया था। उसके पिता तेजपाल स्कूल में सोए हुए थे। छात्राओं के साथ रात में छेड़छाड़ की गई, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।

क्या था पूरा मामला
भोपा थाना क्षेत्र के स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाने के बहाने पुरकाजी क्षेत्र के स्कूल में 18 नवंबर को लाया गया था। देर हो जाने की बात कहकर स्कूल संचालकों ने छात्राओं को रात के समय स्कूल में ही रोक लिया। आरोप है कि स्कूल संचालकों ने खिचड़ी में नशीला पदार्थ मिलाकर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने प्रकरण में 17 दिन बाद रविवार को स्कूल संचालक अर्जुन सिंह और योगेश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुरकाजी विधायक के हस्तक्षेप के बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने एसपी सिटी और एएसपी को भेजा था। एसओ पुरकाजी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। एक आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया और दूसरे ने थाने में पहुंचकर सरेंडर कर दिया है।