सहारनपुर। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलनरत है। सरकार किसानों की परीक्षा लेनी छोड़ दे, नहीं तो इसके अंजाम और भी ज्यादा घातक होंगे।


ब्रहस्पतिवार देर शाम भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत हरियाणा से एक कार्यक्रम से लौटते हुए सरसावा टोल प्लाजा से नकुड़ पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि ख़ेती किसानों के लिए अब घाटे का सौदा होकर रह गई है। 2014 में किसानों की आय दोगुनी करने के वादे के साथ सत्ता में आई भाजपा अपने वादे से मुकर गई है। जिस दर से पेट्रोलियम पदार्थ व रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि की गई है, इस हिसाब से गन्ना मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल, गेहूं व धान की वर्तमान कीमतों में ढाई गुना वृद्धि की जानी चाहिए थी।

कृषि कानूनों पर उन्होंने कहा कि जब किसान इन कानूनों को मानने के लिए तैयार नहीं है तो सरकार हिटलरशाही दिख़ाते हुए इन्हें लागू करने पर उतारू है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर आरोप लगाया कि किसान हितों की बात करने वाले लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह व नितिन गडकरी जैसे दिग्गज नेपथ्य में धकेल दिए गए हैं। इस दौरान अशोक कुमार, मेवाराम, संजय चौधरी, धर्मेंद्र सैनी, कमलेश चौधरी, सुरेंद्र, महीपाल, बीर सिंह, कल्लण, मदन, इदरीस अहमद आदि मौजूद रहे।