मुजफ्फरनगर। सावन महीने में हर-हर शंभू गाना गाकर फरमानी नाज ने अपने यू.ट्यूब चैनल पर भले ही सुर्खियां बटोर लीं हो, लेकिन उलमा को यह सब अच्छा नहीं लगा। उलमा ने फरमानी का नाम लिए बगैर नसीहत दे डाली। उलमा का कहना है कि मुसलमानों को ऐसे कामों से बचना चाहिए।
मुजफ्फरनगर के मोहम्मदपुर माफी की रहने वाली फरमानी किसी परिचय की मोहताज नहीं है।। उनको इंडियन आइडियल के मंच पर भी काफी शोहरत मिल चुकी है। फरमानी ने 24 जुलाई को कांवड़ यात्रा के दौरान परविंदर सिंह के साथ मिलकर हर हर शंभू गाना गाकर अपने यू.टयूब चैनल पर अपलोड किया था। जिसे उनके प्रशंसकों ने हाथोंहाथ लिया।

फरमानी को यूट्यूब पर अब तक करीब 4.5 लाख ब्यूज मिल चुके है। इतना ही नहीं प्रशंसकों ने जो कमेंट किए हैं। उनमें भी फरमानी को काफी तारीफ मिल रही है। प्रशंसकों ने यह भी कहा कि एक मुस्लिम होने के बावजूद उन्हांेने जिस तरह से यह भजन गाया वह काबिले तारीफ है, लेकिन फरमानी का यह गाना उलमा को रास नहीं आया और उन्होंने नसीहत दे डाली।
दारुल उलूम के फतवा ऑनलाइन चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि किसी दूसरे धर्म की पहचान वाले कार्यों से मुसलमानों को परहेज करना चाहिए। क्योंकि इस्लाम मजहब में इस तरह के क्रियाकलापों की सख्ती के साथ मनाही है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अन्य धर्मों के लोगों की तरह अपने धर्म की शिक्षाओं पर अमल करना चाहिए और गैर इस्लामी कामों से बचना चाहिए।
