नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय में कहा कि हिजाब इस्लाम की जरूरी धार्मिक प्रथा नहीं है। इसके इस्तेमाल पर रोक संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन नहीं है, जो धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
कर्नाटक सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी ने न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी की अगुवाई वाली पूर्ण पीठ के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने कहा,हमारा मानना है कि हिजाब पहनना इस्लाम में जरूरी धार्मिक अंग नहीं है।
वहीं, कुछ मुस्लिम लड़कियों का आरोप है कि छात्राओं के हिजाब या भगवा स्कार्फ पहनने पर रोक लगाने का राज्य सरकार का पांच फरवरी का आदेश संविधान का उल्लंघन है।

