गोंडा। अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। विकास भवन में सफाई के दौरान हजारों तिरंगे झंडे को कर्मचारियों ने जला दिया। इसका वीडियो वायरल होने पर खलबली मच गई। अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक देर हो गई थी और हजारों की संख्या में झंडे जलकर राख हो चुके थे। अब इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक कर्मचारी हजारों की संख्या में तिरंगा झंडा इकट्ठा करके उसे जला रहा है। जब इसकी जानकारी की गई तो पता चला कि 13 से 17 अगस्त तक अमृत महोत्सव अभियान के तहत बड़े पैमाने पर तिरंगा झंडा मंगवाया गया था। जिसे लोगों में बंटवाया जाना था।

इसके बावजूद हजारों की संख्या में झंडे बच गए थे, जिसे विकास भवन के एक कमरे में रखवा दिया गया था। रविवार को कर्मचारी विकास भवन की सफाई कर रहे थे। इन कर्मचारियों ने बिना कुछ सोचे समझे इन सभी झंडों को एक बोरे में भरकर आग के हवाले कर दिया। इस दौरान कोई वहां मौजूद था, जिसने इसकी वीडियो बना ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया और वह लोग मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक वह झंडे जलकर राख हो चुके थे। इस बारे में जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी का कहना कि विकास भवन परिसर की साफ सफाई हो रही थी। सफाई कर्मियों ने अनजाने में राष्ट्रीय ध्वज को जला दिया।