बागपत। बड़ौत के बड़का गांव में देशी शराब के ठेके को बंद कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। ठेका कर्मचारियों ने विरोध किया तो महिलाओं ने शराब की बोतलें और पव्वे उठाकर सड़कों पर उडे़ल दिए। बड़ौत-बड़का-हिलवाड़ी मार्ग पर धरना देकर बैठ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी उनकी नोकझोंक हुई। पुलिस कर्मियों ने सख्ती करते हुए महिलाओं को वहां से हटाया। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठेका बंद नहीं हुआ तो विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगी।

महिलाओं ने बताया कि ठेके के कारण उनके परिवारों का माहौल खराब हो रहा है। पुरुषों के साथ साथ बच्चे भी शराब के आदी हो रहे है। पैसे न होेेने पर घर का सामान बेचकर शराब पीते है। इसके अलावा ठेका के पास ही कन्या इंटर कॉलेज है। छात्राओं को भी इससे परेशानी उठानी पड़ती है। कर्मचारियों ने विरोध तो महिलाओं ने ठेके के अंदर घुसकर शराब की बोतलें और पव्वे लाकर सड़कों पर उडे़ल दिए।

बड़ौत-बड़का-हिलवाडी मार्ग पर धरना देकर बैठ गई। यदि इस संबंध में कार्रवाई नहीं हुई तो विधानसभा चुनाव में कोई भी महिला मतदान नहीं करेंगी। डेढ़ घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी महिलाओं की नोकझोंक हुई। बाद में महिला पुलिस कर्मियों ने सख्ती कर महिलाओं को वहां से हटाया। हंगामा करने वालों में पिंकी, रूबी, सुमन, सुनीता, सत्तो, बबली, अंजु, मंजू, रेशमा, आरती, सलमा, ओमवती, कौशल्या, पुष्पा शामिल रहीं।

प्रधान के घर पहुंची पुलिस, दी हिदायत
हंगामे के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि प्रधान ने महिलाओं को ऐसा करने के लिए कहा है। इस पर कोतवाल मगनवीर सिंह गिल पुलिस को लेकर प्रधान के घर पहुंचे और उन्हें सख्त हिदायत दी।

समस्या सही है, शराब की वजह से गांव का माहौल बिगड़ रहा है। दूरदराज के लोग भी यहीं पर आकर शराब पीते है। बताया कि महिलाओं को डीएम और एसपी से मिलने के लिए कहा गया था, ना कि ठेके पर पहुंचकर हंगामा करने के लिए – विजयपाल, प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान।