बिजनौर । नजीबाबाद के कारोबारी के बैंक लॉकर से लाखों रुपये के जेवरात गायब हो गए। यह तब हुआ जब उस लॉकर में कारोबारी का ताला लगा हुआ था। कारोबारी ने तत्काल इसकी जानकारी बैंक अधिकारियों को दी तो वहां हड़कंप मच गया।
मोहल्ला सेवाराम निवासी कारोबारी पवन अग्रवाल का बैंक ऑफ बड़ौदा में लॉकर है। पवन अग्रवाल अपनी पत्नी नम्रता अग्रवाल के साथ अपना लॉकर खोलने पहुंचे। शाखा प्रबंधक सतीश कुमार के निर्देश पर बैंक अधिकारी दुर्गा शंकर शर्मा ने कारोबारी दंपति का लॉकर ऑपरेट करने के लिए कारोबारी की चाबी के साथ बैंक की लॉकर चाबी लॉकर खोलने के लिए लगाई। कारोबारी ने बैंक लॉकर के मुख्यद्वार पर लगा अपना ताला स्वयं खोला।
कारोबारी ने कुछ ही देर बाद बैंक प्रबंधक सतीश कुमार को लॉकर में रखे लाखों रुपये के आभूषण गायब होने की सूचना दी। कारोबारी की सूचना पर बैंक कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कारोबारी ने बताया कि इससे पूर्व उन्होंने एक अक्तूबर 2022 को बैंक लॉकर खोला था। उस समय उसमें लगभग 10 से 15 लाख रुपये के आभूषण रखे थे। बैंक कर्मचारियों ने लॉकर के सभी ताले लगे होने के बावजूद आभूषण गायब होने की संभावना से इंकार किया।
कारोबारी की सूचना पर सराय चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कारोबारी ने स्वीकार किया कि उसका ताला लगा था तथा बैंक अधिकारी ने बैंक की एक चाबी के साथ उसका लॉकर भी खुलवाया। कारोबारी द्वारा बंद लॉकर से लाखों रुपये के आभूषण गायब होने की बात बैंक अधिकारियों और पुलिस के गले नहीं उतर रही। कारोबारी की ओर से पुलिस को बैंक लॉकर से लाखों रुपये के आभूषण गायब होने की तहरीर सौंपी जा रही है।
इस बारे में बैंक प्रबंधक सतीश कुमार का कहना है कि बैंक में 400 से अधिक लॉकर हैं। लॉकर ऑपरेट स्वयं लॉकर धारक करता है। बैंक अधिकारी सिर्फ बैंक की चाबी लगाकर अलग हो जाते हैं। कारोबारी पवन ने स्वयं अपना ताला खोला। कारोबारी दंपति ने ही लॉकर ऑपरेट किया। बंद लॉकर से आभूषण गायब होना संभव नहीं है।

