छात्रों के विरोध के दबाव मे आई मोदी सरकार, लिया बड़ा फैसला, अग्निपथ में समय सीमा को बढ़ाया

student protest

देश की तीनों सेनाओं में सैनिक स्तर पर भर्ती के लिए अग्निपथ स्कीम लॉन्च होने के बाद देशभर में इसका विरोध जारी है, कहीं पर सड़कें जाम की जा रही हैं तो कहीं ट्रेन फूंकी जा रही है। विरोध प्रदर्शनों के बाद दबाव में आई केंद्र सरकार ने अब युवाओं का गुस्सा शांत करने के लिए उन्हें भर्ती की ऐज लिमिट में छूट देने का फैसला किया है, लेकिन यह छूट केवल एक बार के लिए ही होगी और उसके बाद अग्निपथ स्कीम की ऐज लिमिट के अनुसार ही भर्तियां होंगी।

इसमे अब अधिकतम उम्र 21 साल से बढ़ाकर 23 साल की गई है। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद भर्ती की उम्र सीमा बढ़ाई गई। 2 साल से भर्ती नही होने की वजह से यह फैसला लिया गया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार अग्निपथ योजना के लिए ऊपरी आयु सीमा में 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष करने के लिए एकमुश्त छूट प्रदान करती है।

पिछले दो वर्षों में कोई भर्ती नहीं होने के कारण निर्णय लिया गया है। इससे पहले सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना की मंगलवार को ऐलान किया था। जिसके तहत सैनिकों की भर्ती 4 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट आधार पर की जाएगी। योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46ए000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें अग्निवीर नाम दिया जाएगा, लेकिन अब इस उम्र सीमा को बढ़ा दिया गया है।

advertisement at ghamasaana