बुलंदशहर से जेवर तक बनेगा नेशनल हाईवे, एयरपोर्ट से सीधे जुड़ जाएगा जिला मुख्यालय, मेरठ से भी पहुंचना होगा आसान

बुलंदशहर। जेवर एयरपोर्ट तक नेशनल हाईवे बनाने का रास्ता साफ हो गया है। प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए लोक निर्माण विभाग ने बुलंदशहर-जेवर मार्ग को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हस्तांतरित कर दिया है। नेशनल हाईवे बनने के बाद सड़क किनारे बसे करीब 50 गांवों के लोगों को सीधा फायदा होगा। वहीं, जेवर एयरपोर्ट से बुलंदशहर जिला मुख्यालय भी सीधे तौर पर जुड़ जाएगा। मेरठ बुलंदशहर नेशनल हाईवे से भी बुलंदशहर जेवर नेशनल हाईवे को जोड़ा जाएगा। जिससे मेरठ से भी जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में आसानी होगी।

जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाने के लिए सरकार ने काम शुरू करा दिया है। जिसके चलते अब जिले के विकास को भी पंख लगने की उम्मीद बढ़ गई है। करीब तीन वर्ष पूर्व मेरठ-बुलंदशहर नेशनल हाईवे 334 के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे को बुलंदशहर से जेवर तक बढ़ाने की घोषणा की थी।

हालांकि तीन वर्षों तक इस प्रोजेक्ट पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। लेकिन अब इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए लोक निर्माण विभाग ने शासन के निर्देश पर बुलंदशहर-जेवर मार्ग को एनएचएआई को ट्रांसफर किया है। करीब 44 किमी लंबे मार्ग का निर्माण एनएचएआई के मानकों के अनुसार किया जाएगा। इससे जेवर एयरपोर्ट से मेरठ, दिल्ली, खुर्जा, सिकंदराबाद, उत्तराखंड की ओर जाने का रास्ता सुगम होगा। नेशनल हाईवे का निर्माण वर्ष 2023 में एयरपोर्ट शुरू होने से पहले ही पूरा करना होगा।

50 गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
बुलंदशहर-जेवर मार्ग की वर्तमान में चौड़ाई कुल 15 मीटर है, जबकि नेशनल हाईवे बनाने के लिए न्यूनतम 30 मीटर जमीन की आवश्यकता होती है। ऐसे में नेशनल हाईवे बनाने के लिए एनएचएआई को जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। इससे हाईवे किनारे बसे किसानों को बड़ी मात्रा में मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही नैथला, बंचावली, चोला, गंगेरुआ, ककोड़, झाझर, खवासपुर समेत अन्य गांवों में विकास की गति को पंख लगेंगे।

एयरपोर्ट के लिए नेशनल हाईवे जरूरी है। सरकार के निर्देश पर बुलंदशहर-जेवर रोड को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को हस्तांतरित किया गया है। आगे की प्रक्रिया एनएचएआई ही करेगी – प्रताप सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग

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