नई दिल्ली। एयरसेल मैक्सिस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कीर्ति चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। शनिवार को दिल्ली की एक अदालत ने दोनों को समन जारी किया।
इससे पहले कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।दिल्ली की एक अदालत ने एयरसेल मैक्सिस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बाद शनिवार को राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम और अन्य को समन जारी किया। इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने इस मामले में सोमवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने पहले अदालत को सूचित किया था कि एजेंसियों ने विभिन्न देशों को एलआर (लेटर रोगेटरी) भेजे थे और इस संबंध में कुछ घटनाक्रम हुए थे। सीबीआई ने यह भी कहा था कि वह एक नई लीड पर काम कर रही है। अदालत ने एजेंसियों से रिपोर्ट मांगते हुए कहा था कि पत्र में उल्लेखित आरोप काफी गंभीर प्रकृति के हैं।
बता दें कि यह मामला जिसकी सीबीआई और ईडी द्वारा जांच की जा रही है, एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। FIPB की मंजूरी कथित तौर पर 2006 में दी गई थी जब चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे।
