सहारनपुर। आखिरकार वोटरों के फैसले के परिणाम की घड़ी आ गई। बृहस्पतिवार यानि आज विधानसभा चुनाव की मतगणना कराई जाएगी। इसके लिए मतगणना स्थल सेंट्रल वेयर हाउस में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन ने मतगणना की पूरी तैयारी कर ली है। ईवीएम से आज बाहर निकलने वाले नतीजों पर सभी की निगाह लगी है। जनपद की सात विधानसभा सीटों पर 71 प्रत्याशी चुनावी रण में हैं।
जनपद में दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान हुआ था। मतदाताओं ने नई सरकार बनाने और अपना विधायक चुनने के लिए वोट डाले थे। मतदान के बाद मुख्य मुकाबले में रहे प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के दावे करते रहे। अब बृहस्पतिवार को तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी।जनपद की सभी सात विधानसभा सीटों पर 71 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया है। इनमें सबसे अधिक 14 प्रत्याशी सहारनपुर देहात सीट पर हैं, जबकि सबसे कम सात प्रत्याशी गंगोह विधानसभा सीट पर हैं। इनके अलावा बेहट सीट पर आठ, नकुड़ विधानसभा सीट पर 11, सहारनपुर नगर सीट पर 12, देवबंद विधानसभा सीट पर 10, रामपुर मनिहारान सीट पर नौ प्रत्याशी चुनाव मैदान में है।
यह विधानसभा चुनाव जहां कुछ नेताओं का सियासी कद तय करेगा, वहीं चुनाव में जिले के कई नेताओं की प्रतिष्ठा पर भी दांव पर लगी है। अब सभी की निगाहें बृहस्पतिवार को ईवीएम से निकलने वाले नतीजों पर लगी है।
चार बार के विधायक पूर्व मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी इस बार भी नकुड़ विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। यह सबसे वीआईपी सीट बनी है। डॉ. धर्म सिंह सैनी गत चुनाव में बसपा छोड़कर भाजपा में आए थे और चुनाव जीतने के बाद योगी सरकार में आयुष राज्यमंत्री बनाए गए थे। इस बार चुनाव में ऐन वक्त पर वो भाजपा छोड़ कर सपा में शामिल हो गए। सपा ने उन्हें नकुड़ सीट से भी चुनाव लड़वाया है। उनका सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी से है। चार बार के विधायक रहे जगपाल सिंह भी बसपा छोड़ कर भाजपा में आए और वो भाजपा के टिकट पर सहारनपुर देहात सीट से चुनावी मैदान में है।
जिले के दिग्गज नेता व कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव रहे इमरान मसूद का सियासी कद भी यह चुनाव तय करेेगा। इमरान चुनाव घोषित होते ही कांग्रेस छोड़ कर सपा में आए, मगर सपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। अब जिले में सपा प्रत्याशियों की जीत और हार उनकी प्रतिष्ठा से जुड़ी है। इमरान के भाई नोमान मसूद भी रालोद छोड़ कर बसपा में आए और गंगोह सीट से चुनाव मैदान में है। इसी सीट से पूर्व मंत्री चौधरी यशपाल सिंह के छोटे बेटे इंद्रसेन भी चुनाव लड़ रहे है। जिस कारण गंगोह सीट पर इन दोनों परिवार की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। बेहट विधायक नरेश सैनी भी कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में आए और इसी सीट पर चुनाव मैदान में है।
इनके अलावा सहारनपुर शहर सीट पर सपा विधायक संजय गर्ग, देवबंद सीट पर भाजपा विधायक बृजेश सिंह, गंगोह सीट पर भाजपा विधायक किरत सिंह, रामपुर मनिहारान सीट पर भाजपा विधायक देवेंद्र निम भी अपनी सीट बचाने के लिए चुनावी रण में है। इनकी भी प्रतिष्ठा दांव पर है। बृहस्पतिवार को ईवीएम से निकलवाले परिणाम तय कर देंगे कि मतदाताओं ने इस बार किसे अपना विधायक चुना है।
