बागपत। पुलिस लाइन में रविवार को 140 निरीक्षक व उप निरीक्षकों की परीक्षा हुई। विवेचनाओं व धाराओं से जुड़े कई प्रश्नों को देखकर निरीक्षक व उप निरीक्षक चकरा गए। परीक्षा का परिणाम सोमवार को आएगा और इसमें फेल होने वालों को लाइन हाजिर करके प्रशिक्षण कराया जाएगा।
एसपी नीरज कुमार जादौन को मुकदमों की विवेचना की पत्रावलियों में काफी खामियां मिलती थी। इसके अलावा किसी मामले में पीडि़ता के न्यायालय में बयान देरी से कराए गए तो किसी में किसी भी सामान का नमूना जांच के लिए देरी से भेजा गया। इन सभी कारणों से विवेचना प्रभावित होती है।
एसपी ने बताया कि निरीक्षक व उप निरीक्षकों को कानून व विवेचनाओं को लेकर सही जानकारी हो। इसके लिए बागपत में हर तीन माह में निरीक्षक व उप निरीक्षकों की परीक्षा कराने का फैसला लिया है। एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि रविवार को पुलिस लाइन में पहली बार परीक्षा कराई गई। जिसमें 140 निरीक्षक व उप निरीक्षक शामिल हुए। उन सभी की परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं सील कर दी गई है। जिनकी जांच करके सोमवार को परिणाम घोषित किया जाएगा।
एसपी नीरज कुमार जादौन ने खुद प्रश्नपत्र तैयार कराया था। जिसमें रोजाना के कार्य से जुड़े प्रश्नों को शामिल किया गया था। जिसमें एक.एक नंबर के 60 प्रश्न बहुविकल्पीय थे। 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले निरीक्षक व उप निरीक्षक उत्तीर्ण होंगे और उससे कम अंक प्राप्त करने वालों को पुलिस लाइन भेजा जाएगा। जहां उनका प्रशिक्षण होगा और दोबारा परीक्षा उत्तीण करने पर ही थानों में तैनाती दी जाएगी।
परीक्षा में यह व्यवस्था रखी गई थी कि अगर कोई प्रश्न का गलत उत्तर देता है तो उसके अंक काट दिए जाएंगे। चार गलत उत्तर देने पर एक अंक काटने का प्रावधान किया गया। इसलिए ही किसी ने दस प्रश्न छोड़ दिए तो कोई पांच प्रश्न छोडक़र आया। निरीक्षक व उप निरीक्षकों का कहना था कि वह प्रश्न उनके दैनिक कार्य में शामिल नहीं थेए इसलिए उनके बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। अंक कटने के कारण उनको छोड़ दिया।

