कभी दांतों से 100 किलो वजन उठा लेता था ये शख्स, आज बीमारी ने बना दिया मोहताज, जानिए पूरी कहानी

बागपत। अपने दांतों से 100 किलोग्राम से अधिक वजन उठा लेने वाला बिनौली का मुकेश धामा मुंह के कैंसर की बीमारी से जूझ रहा है। किसान सहकारी सेवा समिति में बाबू की नौकरी से जमा किया गया फंड भी इलाज में खत्म हो गया है। पांच में से साढ़े तीन बीघा जमीन बेचनी पड़ी है, लेकिन बीमारी का खर्च पूरा नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने उसके इलाज के लिए प्रदेश सरकार और प्रशासन से आर्थिक मदद करने की मांग की है।

बागपत के बिनौली गांव की किसान सेवा सहकारी समिति में क्लर्क के पद पर कार्यरत मुकेश धामा पुत्र स्वर्गीय जय सिंह कभी अपने दांतों से 100 किलोग्राम से अधिक वजन उठाकर लोगों को हैरत में डाल देते थे। उसके दांतों से वजन उठाने के कारनामे को दूर दूर से लोग देखने आते थे। वर्ष 1997 में मेरठ में डीएम रहे दीपक सिंघल ने मुकेश को सम्मानित किया था। उसका यह हैरत अंगेज कारनामा आज भी क्षेत्र में चर्चित है।

मगर, यह शख्स डेढ़ वर्ष से मुंह में कैंसर की बीमारी से जूझ रहा है। नौकरी से जमा किया फंड भी इलाज में खत्म हो चुका है। पिता के देहांत के बाद विरासत में मिली पांच बीघा जमीन में से साढ़े तीन बीघा भी बिक चुकी है। कुछ मिला कर करीब 16 लाख रुपये अब तक इलाज में लग चुका है, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं है। परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। ग्रामीण रमेश चंद चौहान, संदीप धामा, सेंसरपाल खटीक, जितेंद्र उज्ज्वल, मनोज आदि ने मुकेश के इलाज के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से आर्थिक मदद करने की मांग की है।

परिवार की जिम्मेदारी में ही खर्च हो रहा वेतन
मुकेश बताते है कि परिवार में पत्नी गीता के अलावा दो बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा बीए फाइनल, बेटी इंटर और छोटा बेटा दसवीं में है। परिवार के पालन पोषण के साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च में ही वेतन खर्च हो जाता है। इलाज काफी महंगा होने के कारण आर्थिक संतुलन पूरी तरह गड़बड़ा गया है।

करीब 20 लाख का खर्च बताया चिकित्सकों ने
मुकेश इस समय दिल्ली के राजकीय कैंसर इंस्टीट्यूट अस्पताल में मुंह में कैंसर की बीमारी का इलाज करा रहा है। चिकित्सकों ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए करीब 20 लाख रुपये का अनुमानित खर्च बताया है।

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