बिजनौर। कर्ज की वजह से आत्महत्या की घटनाओं ने बिजनौर जिले को झकझोर कर रख दिया है। जिले में लगातार तीसरे दिन आत्महत्या का मामला सामने आया है। ताजा मामला शेरकोट कस्बे का है, जहां कर्ज के बोझ और लेनदारों के दबाव से परेशान होकर 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी।
शनिवार सुबह छात्र आदित्य पुंडीर (16) का शव घर में फंदे पर लटका मिला। परिजनों के मुताबिक आदित्य के पिता संजय पुंडीर पर लाखों रुपए का कर्ज था। उन्होंने साहूकारों और फाइनेंस कंपनियों से उधार लिया था, लेकिन चुकाने में असमर्थ रहे।
किराए पर रहने को मजबूर हुआ परिवार
कर्ज चुकाने के दबाव में परिवार को अपनी पुश्तैनी संपत्ति तक बेचनी पड़ी। उनका मकान बिक गया और अब उसी तीन मंजिला घर में वह किराए पर रहने लगे। संजय पुंडीर परिवार के खर्च और कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए हरिद्वार में नौकरी करने चले गए।
बेटे पर पड़ रहा था तकादे का दबाव
संजय के बाहर होने के चलते साहूकार घर पहुंचकर किश्त और ब्याज का तकादा करते थे। इस दबाव का सीधा असर 16 वर्षीय आदित्य पर पड़ रहा था। परिजनों का कहना है कि आए दिन साहूकार घर आकर आदित्य से ही वसूली की बातें करते थे।
लगातार तनाव और दबाव से परेशान होकर आदित्य ने शुक्रवार रात किसी समय फांसी लगा ली। शनिवार सुबह जब परिवार के लोग उसके कमरे में पहुंचे तो दरवाजा नहीं खुला। खिड़की से झांककर देखा तो आदित्य का शव फंदे पर लटका था।
पुलिस ने शव कब्जे में लिया
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति और कर्ज के दबाव की जांच की जाएगी।
जिले में तीसरी आत्महत्या
गौरतलब है कि इसी सप्ताह पहले टंडरा गांव में एक मां और उसकी दो बेटियों ने सामूहिक खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद एक लकड़ी के ठेकेदार ने भी आत्महत्या कर ली थी। और अब शेरकोट में छात्र की मौत ने पूरे जिले को दहला दिया है।

