मेरठ। भ्रष्टाचार के मुकदमे में वाछित इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा के कोर्ट से वारंट जारी हो गए हैं। बिजेंद्र को पुलिस भले ही नहीं ढूंढ पा रही हो, लेकिन वह हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत के लिए प्रयासरत है। केस डायरी भेजने में देरी की वजह से इंस्पेक्टर की अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो पा रही है।
सीओ अपराध की टीम इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी को लगा दी गई है। लगातार दबिश के बाद भी आरोपी इंस्पेक्टर का कोई पता नहीं चल सका है। एक माह पहले सदर बाजार थाने के इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा और हेडकास्टेबल मनमोहन के खिलाफ भ्रष्टाचार, अवैध हिरासत में रखकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ था।
पुलिस ने हेडकास्टेबल मनमोहन को जेल भेज दिया। अदालत से जमानत मिलने के बाद मनमोहन जेल से रिहा हो गया है, वहीं इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा अभी फरार चल रहा है। बिजेंद्र ने भी स्थानीय कोर्ट से अग्रिम जमानत को अर्जी लगाई थी। संगीन अपराध बताते हुए कोर्ट ने अर्जी निरस्त कर दी।
विवेचक सीओ संजीव दीक्षित ने इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने पर कोर्ट से वारंट जारी करा दिए हैं। इंस्पेक्टर के खिलाफ कुर्की और इनाम घोषित करने की तैयारी की जा रही है। कंकरखेड़ा में बिजेंद्र राणा के घर पर ताला लटका हुआ है। मोबाइल बंद होने की वजह से इंस्पेक्टर की कोई लोकेशन तक नहीं मिल पा रही है। बता दें कि इंस्पेक्टर पर ट्रक चोरी के मुकदमे की दोबारा विवेचना में मोटी रकम वसूली करने का आरोप लगा था।

