मेरठ। केंद्र सरकार की एक योजना ऐसी भी है जिसमें मजदूर अपनी 60 साल की आयु पूरी करने के बाद सरकारी कर्मचारियों की तरह ही पेंशन पा सकते हैं। यह योजना है पीएम श्रमयोगी मानधन योजना ।

कई मजदूर असंगठित क्षेत्रों में मजदूरी करते हैं और उनको सरकारी योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। इन योजनाओं की जानकारी न होने का कारण उनमें जागरूकता का अभाव होता है। लेकिन केंद्र सरकार की एक ऐसी योजना के बारे में यहां बता रहे हैं जो इन मजदूरों के बुढापे का सहारा बनती है और उनको रिटायरमेंट के बाद सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशन दिलाती है। ये पेंशन उनके बुढ़ाने का सहारा बनती है। केंद्र सरकार की ये योजना अंसगठित क्षेत्र के मजदूरों को बुढ़ापे में एक तय पेंशन देने का काम करती है। इस योजना का नाम प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना है।

इस योजना के तहत मजदूरोंए ईट भट्टों पर या निर्माण कार्य में लगे लोगों को एक तय पेंशन दी जाती है। इस योजना में उन मजदूरों को शामिल किया गया हैएजिनकी मासिक आमदनी 15 हजार रुपए महीना या फिर इससे कम है। इस योजना से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को कई फायदे मिलते हैं।

पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के अंतगर्त ईट भटटों पर काम करने वालेए ड्राइवरए रिक्शा चालकएमोचीए दर्जीए मजदूरए घरों में काम करने वाले मजदूर आते हैं। इस योजना के तहत इन श्रमिकों को 60 साल की आयु पूरी होने के बाद 3 हजार रुपए की मासिक पेंशन दी जाती है।