नई दिल्ली। बांग्लादेश और पाकिस्तान अल्पसंख्यंकों के धर्मस्थलों पर हमला करना अब आम बात हो गई है। सरकार भी कार्रवाई के नाम पर बस खाली खानापूर्ति करती है। यही वजह है कि उपद्रवियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा घटना बांग्लादेश में हुआ है। वहां एक मंदिर पर हमला किया गया है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित राधाकांता मंदिर पर बृहस्पतिवार शाम को उपद्रवियों की भीड ने हमला कर दिया। मंदिर में तोड़फोड़ के अलावा यहां रखी कीमती वस्तुओं को भी लूट कर ले गए। हमले में कई लोगों के जख्मी हो गए हैं।
ढाका के वारी में 222 लाल मोहन साहा स्ट्रीट में स्थित इस्कॉन राधाकांता मंदिर में शाम 7 बजे ये हमला हुआ। ये हमला हाजी सैफुल्लाह की अगुवाई में 200 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने किया। मंदिर में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। हमले में सुमंत्रा चंद्र श्रवण, निहार हल्दार, राजीव भद्र और अन्य कई घायल हो गए है।
यह पहली बार नहीं है, जब बांग्लादेश में हिंदुओं के मंदिर पर हमला हुआ है। पिछले साल नवरात्रि पर हिंदुओं के खिलाफ अफवाह फैलाकर दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले किए गए थे। इतना ही नहीं हिंदुओं के घरों पर हमले किए गए थे। वहीं ढाका में स्थित इस्कान मंदिर पर भी हमला किया गया था।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक अधिकारों पर काम कर रही संस्था के अनुसार पिछले 9 साल में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को 3679 बार हमलों का सामना करना पड़ा। इस दौरान 1678 मामले धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ और हथियारबंद हमलों के सामने आए, इसके अलावा घरों,.मकानों में तोड़.फोड़ और आगजनी समेत हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर लगातार हमले किए गए।

