लखनऊ। अयोध्या में बन रहे श्री राम मंदिर निर्माण के दूसरे चरण का काम तेजी से चल रहा है। फाउंडेशन निर्माण भी तीन चरणों में होगा। पहले चरण में नींव तैयार हो गई है। दूसरे चरण में नींव के ऊपर 1.50 मीटर ऊंची राफ्ट ढालने का काम किया जा रहा है। 15 ब्लॉक बनाकर राफ्ट ढाली जाएगी। अक्तूबर तक यह काम पूरा हो जाएगा।
उसके बाद नवंबर से प्लिंथ का निर्माण होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राममंदिर निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। हमारा लक्ष्य है कि दिसंबर 2023 तक रामलला भव्य गर्भगृह में भक्तों को दर्शन देने लगें। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी में काम आगे बढ़ रहा है। अभी राफ्ट की ढलाई का काम फाउंडेशन के दूसरे चरण के तहत किया जा रहा है। इसके लिए कुल 15 ब्लॉक बनाए जाएंगे।
पांच दिनों के भीतर दो ब्लॉक ढाले जा चुके हैं। चंपत राय ने बताया कि एक राफ्ट ढालने के बाद दूसरे राफ्ट का काम शुरू होने में दो से तीन दिन लग जाएंगे। इस तरह 15 ब्लॉक बनाने में करीब एक माह का समय लगेगा। हमारा अनुमान है कि अक्तूबर में हम राफ्ट का काम पूरा कर लेंगे। इसके बाद नवंबर माह में से 16 फीट ऊंचे प्लिंथ का निर्माण शुरू किया जाएगा। प्लिंथ निर्माण में चार माह लगने का अनुमान है। चंपत राय ने बताया कि अप्रैल माह से न्यास कार्यशाला में रखे गर्भगृह के पत्थरों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया जाएगा।
कंकरीट तैयार करने के लिए लगे हैं पांच कंटेनर
चंपत राय ने बताया कि राफ्ट की ढलाई में प्रतिदिन 287 घनमीटर कंकरीट का प्रयोग किया जा रहा है। कंकरीट तैयार करने के लिए परिसर में पांच कंटेनर लगाए गए हैं। सामान्यतः 10 मिनट में एक कंटेनर 6 क्यूबिक फिटर कंकरीट बना रहा है। ढलाई का काम केवल रात में ही 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर हो रहा है। अधिक तापमान होने पर राफ्ट में दरार आने का खतरा है। हर रोज 10 घंटे लगातार काम कर ढलाई की जा रही है।

