हाईकोर्ट से मिली सरकार को बड़ी राहत, चारधाम यात्रा में अनलिमिटेड श्रद्धालु कर सकेंगे यात्रा

char dham

देहरादून। चारधाम में श्रद्धालुओं की संख्या को बढ़ाये जाने को लेकर सरकार की ओर से दायर शपथपत्र पर सुनवाई। सरकार ने कोर्ट से अपने पूर्व के आदेश में संसोधन या वापस लेने का आग्रह किया था ।  जिससे कि वहाँ पहुँच रहे श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हो सके। आपको बता दें कि पूर्व में कोर्ट ने केदारनाथ धाम के लिए प्रतिदिन 800, बदरीनाथ धाम के लिए 1000, गंगोत्री के लिए 600, यमुनोत्री के लिए 400 श्रद्धालुओं की ही अनुमति दी थी। 

राज्य की सरकार ने दिया था प्रार्थना पत्र
यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने की अनुमति देने के लिए राज्य सरकार ने चार दिन पहले नैनीताल हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। इसके बाद कल महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर और मुख्य अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने कोर्ट में इस प्रकरण पर जल्द ही सुनवाई के लिए प्रार्थना की थी। 

मुख्य महाधिवक्ता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित की थी। इन दिनों प्रदेश में कोविड के मामले बहुत कम आ रहे हैं। इसलिए चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या को बढ़ाया जाए।

अभी यात्रा समाप्त में बचे हैं केवल 40 दिन

महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा था कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा है। अब जो श्रद्धालु आ रहे हैं, उन्हें दर्शन करने की अनुमति दी जाए। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं वे नहीं आ रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों के सामने रोजी-रोजी का संकट खड़ा हो गया है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि कोर्ट के पूर्व के दिशा निर्देशों का पूरा पालन किया जा रहा।

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