मुंबई। वीर सावरकर पर चल रहे विवाद के बीच शिवसेना ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि सावरकर ने कभी भी अंग्रेजों से माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा, हिंदुत्व के सिरमौर वीर दामोदर सावरकर हमेशा हमारे आदर्श रहे हैं और रहेंगे।
पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि दस साल से अधिक समय तक जेल में रहने वाले स्वतंत्रता सेनानी यह सोचकर अपनी रणनीति बनाते थे कि जेल में रहने के बजाय वे बाहर निकलकर कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जेल में सजा काटने के दौरान एक अलग रणनीति अपनाई जाती है। यदि सावरकर ने ऐसी रणनीति अपनाई थी, तो इसे माफी मांगना नहीं कह सकते। हो सकता है कि सावरकर ने ऐसी रणनीति अपनाई हो।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वीर सावरकर को एक कट्टर राष्ट्रवादी और 20वीं सदी में भारत का पहला सैन्य रणनीतिकार बताते हुए कहा था कि उन्होंने महात्मा गांधी के अनुरोध पर अंग्रेजों को दया याचिकाएं लिखीं और मार्क्सवादी और लेनिनवादी विचारधारा के लोगों ने उन पर फासीवादी होने का गलत आरोप लगाया। इससे पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि वीर सावरकर के खिलाफ आजादी के बाद से ही मुहिम चलाई जा रही है। इसके बाद से ही जुबानी जंग छिड़ गई है।
वीर सावरकर को कब मिलेगा भारत रत्न
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि वीर सावरकर को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कोई नई बात नहीं कही है। दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे भी यही कहते थे। उन्होंने सवाल किया कि अगर आरएसएस और भाजपा का उनके प्रति इतना ही प्रेम है तो उन्हें बताना चाहिए कि वीर सावरकर को भारत रत्न कब दे रहे हैं। राउत इससे पहले भी कई मौकों पर वीर सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग कर चुके हैं।

