पर्यावरण संरक्षण के लिए पौड़ी से केदारनाथ पहुंचे सिद्धार्थ रावत

sidharath rawat

देहरादून। सिविल इंजीनियरिंग से पॉलीटेक्निक कर रहे सिद्धार्थ रावत ने तीन दिन में पौड़ी से केदारनाथ का सफर तय किया है। उसका कहना है कि वह प्रदूषण मुक्त पहाड़ के साथ एडवेंचर को बढ़ावा जरूरी है।

पौड़ी के 15 वर्षीय सिद्धार्थ रावत ने साइकिल से केदारनाथ पहुंचकर नई मिसाल पेश की है। इस युवा ने अपने अन्य साथी के साथ 22 से 25 अक्तूबर तक सहासिक यात्रा की है। उसका कहना है कि पहाड़ों को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ ही यहां सहासिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह एक प्रयास किया गया है।

सिद्धार्थ राजकीय पॉलीटेक्निक गौचर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रवीण रावत व सारिका रावत की दो संतानों में छोटे सिद्धार्थ रावत आठ वर्ष की उम्र से साइकिलिंग कर रहे हैं। 22 अक्तूबर को वे अपने साथी अजय रावत के साथ पौड़ी के कंडोलिया मंदिर से साइकिल में सवार होकर केदारनाथ के लिए निकले। धारी देवी में पूजा के बाद उन्होंने रात्रि प्रवास रुद्रप्रयाग में किया, जबकि 23 को गौरीकुंड और 24 की शाम बर्फबारी के बीच साइकिल लेकर केदारनाथ पहुंचे। 25 को धाम से वापसी कर देर शाम पौड़ी पहुंच गए थे।

सिद्धार्थ ने बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक 17 किमी पैदल मार्ग पर तीखे मोड़ों व चढ़ाई वाली जगहों पर वे साइकिल को कंधे पर उठाना पड़ा। जबकि सीधे रास्ते में वे साइकिलिंग करते हुए आगे बढ़े। सिद्धार्थ का कहना है कि उन्होंने प्रदूषण मुक्त पहाड़ और यहां की वादियों में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए साइकिल से केदारनाथ की यात्रा की है। इस दौरान उन्होंने दो तरफा 308 किमी सफर किया, जिसमें लगभग 285 किमी साइकिल चलाई है। वे, पर्यटन विभाग के साथ भी प्रदूषण मुक्त पहाड़ के लिए साइकिलिंग अभियान में प्रतिभाग करने वाले हैं। वर्ष 2019 में कपाटोद्घाटन में पौड़ी जिले के चमेली गांव निवासी व सीआरपीएफ में तैनात सोहन रावत भी साइकिल लेकर केदारनाथ पहुंचे थे।

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