रामपुर। जिले के थाना मिलक खानम के गांव महुनागर का ग्राम प्रधान फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे चुनाव जीतने के मामले में फंस गया है। अब उसके खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अप्रैल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुए थे।
बिलासपुर ब्लॉक अंतर्गत थाना मिलक खानम क्षेत्र के ग्राम महुनागर गांव का प्रधान पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित था। इस पद के लिए अब्दुल नबी पुत्र मोहम्मद नबी और अशरफ पुत्र नजर मोहम्मद ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। अब्दुल नबी ने अशरफ के पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र झोझा को लेकर एआरओ को आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन उसकी आपत्ति खारिज कर दी गई। चुनाव परिणाम आया, तो अशरफ अली 1108 मत पाकर अपने प्रतिद्वंद्वी अब्दुल नबी से 202 मत से जीत गया।
अशरफ अली के चुनाव जीतने के बाद भी विरोधी चुप नहीं बैठे। उस्मान खान पुत्र बदर खान ने आरटीआई मांग ली जिसमें तहसीलदार से पूछा कि क्या अशरफ अली झोझा तुर्क जाति के हैं। तहसीलदार ने जांच कराई और लेखपाल ने अशरफ अली के सामान्य जाति तुर्क होने की पुष्टि की। राजस्व अभिलेखों में भी तुर्क लिखा हुआ पाया गया। दूसरी ओर अशरफ अली द्वारा नामांकन पत्र के साथ सलंग्न किए गए शपथ पत्र को भी चुनौती दी गई। शिकायतकर्ता का कहना था कि शपथ पत्र में आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं होना बताया गया है, जबकि मिलक खानम थाने में अशरफ अली के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं।
अब्दुल नबी का कहना है कि इस मामले में मिलक खानम पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। बाद में पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने गुहार लगाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद अशरफ अली के खिलाफ संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने का आदेश कर दिया। मिलक खानम ने आईपीसी की धारा 567, 468, 471 धारा 420 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष राजेश बैंसला का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।

