रामपुर-रोशनी के त्योहार पर पटाखे से गई बेटे की आंख की रोशनी तो पिता ने खाई यह कसम

firecrackers

रामपुर। दिवाली पर पटाखे छोड़ने के दौरान इंटर के एक छात्र की बायीं आंख गंभीर रूप से जख्मी हो गई। छात्र का बरेली के निजी अस्पताल में चार घंटे ऑपरेशन चला लेकिन उसकी आंख की रोशनी नहीं बचाई जा सकी। इस पर उसके पिता ने कसम खा ली कि अब वह कभी भी आतिशबाजी नहीं करेंगे।

घटनाक्रम बिलासपुर की डैम कॉलोनी का है। कॉलोनी में रहने वाले जोगेंद्र सिंह चौहान का पुत्र युवराज सिंह (17) नगर के सर्व संस्कृति स्कूल में कक्षा 12 का छात्र है। परिजनों के अनुसार युवराज छोटी | दिवाली पर बुधवार शाम करीब छह बजे घर के पास पटाखे चला रहा था। एक पटाखा फटकर उसकी बायीं आंख में जा लगा। उसके चीखने पर परिजन तत्काल निजी चिकित्सक के पास ले गए, जिन्होंने बेहतर इलाज के लिए बरेली जाने की सलाह दी।

बार एसोसिएशन के चेयरमैन अमरीक सिंह चौहान ने बताया कि युवराज उनका भतीजा है। बरेली के निजी अस्पताल में चिकित्सकों को उसकी आंख के ऑपरेशन में करीब चार घंटे लगे लेकिन उसकी आंख बचाई नहीं जा सकी। चिकित्सकों ने बताया कि इस आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है। रोशनी के त्योहार पर हुई इस अनहोनी से परिवार का हर सदस्य परेशान है।

युवराज सिंह के पिता जोगेंद्र सिंह का कहना है कि उनके पुत्र की बायों आंख की रोशनी आतिशबाजी के कारण चली गई। इससे सभी लोग बेहद आहत हैं। सभी ने संकल्प लिया है कि भविष्य में कोई आतिशबाजी नहीं करेगा। बेटे का मनोबल बढ़ाकर दायीं आंख से उसकी पढ़ाई जारी रखवाएंगे। बाई आंख की रोशनी के विकल्प के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क भी करेंगे।

advertisement at ghamasaana